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सीएम गहलोत के बचपन के साथी को ठगा, कलक्टर-कमिश्नर ने नहीं सुनी फरियाद, मुख्यमंत्री के आदेश पर जांच में जुटी एसओजी

Pushpendra Singh Shekhawat

Publish: Sep 17, 2019 07:45 AM | Updated: Sep 16, 2019 22:46 PM

Jaipur

मुख्यमंत्री के सहपाठी को कलक्टर-कमिश्नर ने टरकाया!, संजीवनी क्रेडिट सोसायटी में लगाए थे सेवानिवृत्त अध्यापक ने छह लाख रुपए, मुख्यमंत्री की पहल पर अब जांच में जुटी एसओजी

मुकेश शर्मा / जयपुर। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के सहपाठी और जोधपुर निवासी सेवानिवृत्त अध्यापक मोहनराम को पुलिस और जिला प्रशासन ने टरका दिया। पीडि़त ने संजीवनी क्रेडिट कॉ-ओपरेटिव सोसायटी के खिलाफ जिला कलक्टर और पुलिस कमिश्नर के यहां गुहार लगाई थी, लेकिन पीडि़त को कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला। इससे पहले पीडि़त ने अन्य संबंधित अधिकारियों के यहां भी शिकायत की थी, लेकिन सोसायटी के पदाधिकारियों के रुतबे के चलते सभी से निराशा हाथ लगी। इसके बाद पीडि़त मोहनराम ने मुख्यमंत्री को आपबीती बताई।

मुख्यमंत्री ने एसओजी मुख्यालय को मामले की जांच करने की जिम्मेदारी सौंपी है। एसओजी की एक टीम पीडि़त मोहनराम से मिलने पहुंची और उनसे ठगी से संबंधित पूरे दस्तावेज एकत्र किए। एसओजी की आर्थिक अपराध विंग अन्य मामलों के साथ इस मामले की प्राथमिकता से जांच कर रही है। एसओजी सूत्रों के मुताबिक, मामला मुख्यमंत्री के परिचित से ठगी होने का भी है। इसलिए अब जल्द संजीवनी क्रेडिट सोसायटी के खिलाफ मामला दर्ज करने की तैयारी की जा रही है।

वहीं, मोहनराम ने बताया कि उन्होंने सोसायटी के पदाधिकायों के यहां रकम के संबंध में सूचना के अधिकार पर जानकारी मांगी। लेकिन पदाधिकारियों ने कोई जवाब नहीं दिया। इसके बाद सूचना आयुक्त से इस संबंध में जानकारी मांगी, उन्होंने भी कोई जवाब नहीं दिया। बाद में पुलिस कमिश्नर और जिला कलक्टर के यहां गुहार लगाई। सुनवाई नहीं होने पर मुख्यमंत्री को शिकायत की थी।

इधर, परिवार ने दी आत्महत्या की चेतावनी

दौसा के महुवा निवासी महेश कुमार सैनी ने एक क्रेडिट सोसायटी में 5 लाख रुपए का निवेश किया। लेकिन बाद में क्रेडिट सोसायटी ने रकम नहीं लौटाई। पीडि़त ने बताया कि मेहनत कर बेटी की शादी के लिए रकम जोड़ी थी। रकम को सोसायटी में निवेश कर दिया। बेटी शादी लायक हो गई। लेकिन सोसायटी ने ठगी कर ली। थाना पुलिस उनकी सुनवाई करती नहीं। सोसायटी के पदाधिकारी सभी जगह मिलीभगत कर पीडि़त लोगों के दर्ज मामलों में एफआर लगवा देते हैं। अब उन्होंने एसओजी से गुहार लगाई है कि उनकी सुनवाई नहीं हुई तो वह पूरे परिवार सहित आत्महत्या कर लेगा। पीडि़त के चार बेटियां और एक बेटा है।