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एसओजी पहुंचा संजीवनी का कर्मचारी, तो पता चला उसके नाम डेढ़ करोड़ ऋण, सुनकर छूटे पसीने

Deepshikha

Publish: Sep 22, 2019 19:07 PM | Updated: Sep 22, 2019 19:07 PM

Jaipur

संजीवनी क्रेडिट को-ऑपरेटिव सोसायटी ने निवेशकों के साथ ही जालसाजी नहीं अपने कई कर्मचारियों से भी की धोखाधड़ी, जोधपुर से कर्मचारी एसओजी मुख्यालय पहुंचा, तो पता चला कि डेढ़ करोड़ रुपए का ऋण उसके नाम से लिया गया, सुनकर उसके पैरों तले जमीन खिसक गई

मुकेश शर्मा / जयपुर. संजीवनी क्रेडिट को-ऑपरेटिव सोसायटी ने निवेशकों के साथ ही जालसाजी नहीं अपने कई कर्मचारियों से भी धोखाधड़ी की है। जोधपुर से कर्मचारी उम्मेद सिंह जयपुर एसओजी मुख्यालय पहुंचा तो पता चला कि डेढ़ करोड़ रुपए का ऋ ण उसके नाम से लिया गया है। यह सुनकर उसके पैरों तले जमीन खिसक गई। शरीर पर पसीने आने लगे तो एसओजी की टीम ने उसे ढांढस बंधाया। उम्मेद ने बताया कि सोसायटी के अध्यक्ष विक्रम सिंह ने डेढ़ करोड़ रुपए का ऋ ण उसके नाम से उठाया, इसकी जानकारी नहीं है।

सोसायटी द्वारा उम्मेद के खाते में वर्ष 2011 में ही भोम सिंहह नाम के व्यक्ति का 12.50 लाख रुपए का ऋण ट्रांसफर किया गया। इसकी भी उसे जानकारी नहीं थी। जबकि पूछताछ में उसने बताया कि वर्ष 2012 में 15 हजार रुपए प्रतिमाह में संजीवनी सोसायटी में नौकरी पर लगा था। फिर 22 हजार और वर्तमान में 35 हजार रुपए प्रतिमाह पगार मिल रही थी। जबकि उसके खाते से 2011 से 2015 तक 2.75 करोड़ रुपए की आवाजाही हुई है।

पीलीबंगा रहते, बाड़मेर से लिया ऋ ण

एसओजी ने पीलीबंगा निवासी छह-सात लोगों को पूछताछ के लिए बुलाया। ये लोग एसओजी मुख्यालय पहुंचे तो इन्हें पता चला कि इनके नाम से संजीवनी सोसायटी में बाड़मेर से लाखों रुपए का ऋण उठाया गया है। उन्होंने कहा कि वे कभी बाड़मेर गए ही नहीं तो ऋण कैसे लेंगे।

जल्द खुद की गिरफ्तारी चाहता था विक्रम

एसओजी सूत्रों के मुताबिक, सोसायटी के प्रबंध निदेशक विक्रम सिंह को निवेशकों की रकम लौटाने के लिए समय भी दिया, लेकिन वह तैयार नहीं हुआ। उसने 4 और 5 सितम्बर को एसओजी मुख्यालय में संपर्क किया। फिर 6 सितम्बर को एसओजी में कब आना है, इसके संबंध में पूछताछ की। लेकिन तब तक एसओजी आरोपी के खिलाफ पुख्ता सबूत नहीं जुटा सकी थी। 17 सितम्बर तक एसओजी ने आरोपी के खिलाफ जालसाजी के पुख्ता सबूत जुटा लिए और उसे बुलाया तो वह आ गया।

साथ लाया हवालात में पहनने के कपड़े

आरोपी विक्रम सिंह एसओजी मुख्यालय में पहुंचा तो वह अपने साथ हवालात में पहनने के कपड़े लाया था। इससे यह यह अंदाजा लगाया जा रहा है कि उसे पता था कि एसओजी उसे रिमांड पर लेगी। हालांकि एसी रूम में सोने वाले विक्रम सिंह को हवालात में कूलर मिला है। लेकिन वहां काफी मच्छर हैं। एसओजी भोजन में मैस का खाना उसे दे रही है। आरोपी विक्रम सिंह और सोसायटी के अन्य चार गिरफ्तार आरोपियों को एक ही हवालात में रखा गया है।

सोमवार को एसओजी कूच

संजीवनी सोसायटी के बड़ी संख्या में निवेशकों ने सोशल मीडिया पर सोमवार को एसओजी मुख्यालय पहुंचने की मुहिम चला रखी है। वे अधिक से अधिक संख्या में एसओजी मुख्यालय पहुंचकर सरकार को भी बताना चाहते हैं कि मेहनत से कमाई रकम उन्हें वापस लौटाई जाए।