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रजिस्ट्रार ने मांगी संजीवनी की रजिस्ट्री होने वाली संपत्ति की जानकारी

Abrar Ahmad

Publish: Oct 22, 2019 00:32 AM | Updated: Oct 22, 2019 00:32 AM

Jaipur

जोधपुर कलक्टर को लिखा पत्र, बड़ी संख्या में मिले थे निवेशक, भूखंड, फ्लैट और दुकानों की सूची देकर किया था खुलासा

जयपुर. रजिस्ट्रार नीरज के पवन ने जोधपुर कलक्टर से संजीवनी क्रेडिट को-ऑपरेटिव सोसायटी की गत कुछ माह में हुई सम्पत्तियों की हुई रजिस्ट्री की जानकारी मांगी है। रजिस्ट्रार ने बताया कि जोधपुर कलक्टर को इस संबंध में पत्र लिखा है। उनसे दो दिन पहले बड़ी संख्या में पीडि़त निवेशक मिले थे। निवेशकों ने भूखंड, फ्लैट और दुकानों की सूची देकर बताया था कि सोसायटी की इन सम्पत्तियों को अन्य लोगों को बेच दिया गया है। इनकी जोधपुर में रजिस्ट्री भी करवा दी गई है। उन्होंने यह भी कहा कि राजस्थान पहला ऐसा राज्य है, जिसने सबसे पहले द बेनिंग ऑफ अनरेगुलेटेड डिपोजिट स्कीम एक्ट 2019 को लागू किया। उधर, संजीवनी सोसायटी के अन्य पदाधिकारियों की गिरफ्तारी नहीं होने पर पीडि़त निवेशकों में आक्रोश है। उनका कहना है कि पुलिस सोसायटी के पदाधिकारियों को सम्पत्ति खुर्द-बुर्द करने का पूरा मौका दे रही है।

इधर, निवेशकों के हड़पे ३.५० करोड़, सीएमडी पर मामला दर्ज

मुण्डावर (अलवर). मुण्डावर पुलिस थाने में संजीवनी क्रेडिट को-ऑपरेटिव सोसायटी के सीएमडी सहित छह लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी कर तीन करोड़ 52 लाख रुपए हड़पने का मामला दर्ज हुआ है। पुलिस ने बताया कि गिर्राज कुमार शर्मा व राकेश कुमार अहीर ने इस्तगासे के माध्यम से मामला दर्ज कराया। संजीवनी के सीएमडी विक्रम सिंह एवं अन्य पांच लोगों ने संस्था का विस्तार करते हुए वर्ष २010 में मुण्डावर में अपना कार्यालय खोला तथा लोगों के खाते खुलवाकर विभिन्न योजनाओ में 250 लोगों के तीन करोड़ 52 लाख रुपए जमा कराए। समयावधि पूर्ण होने पर मुण्डावर संजीवनी कार्यालय में राशि लेने पहुंचे तो शाखा प्रबंधक ने सरकारी ऑडिट होने का हवाला देकर जमाकर्ताओं की जमा राशि देने से मना कर दिया। इसके बाद निवेशकों व अभिकर्ताओ ने उच्च अधिकारियों से सम्पर्क किया तो भी उन्हें राशि नहीं मिली। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।