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मंत्री लगे उपचुनाव में, नहीं हो पा रही जनता की सुनवाई, दूर-दूर से आए फरियादी लौटे खाली हाथ

Pushpendra Singh Shekhawat

Publish: Oct 09, 2019 20:34 PM | Updated: Oct 09, 2019 20:34 PM

Jaipur

कांग्रेस मुख्यालय एक ही दिन हो सकी जनसुनवाई, जनता लौट रही बैरंग- पीसीसी पदाधिकारी मंत्रियों की जनसुनवाई को लेकर रोस्टर तैयार नहीं होने की दे रहे जानकारी- जनता को संतोषजनक जबाव तक नहीं मिला, मंत्रियों से घरों पर संपर्क को कहा जा रहा

सुनील सिंह सिसोदिया / जयपुर। राजस्थान कांग्रेस ( Rajasthan Congress ) मुख्यालय ( PCC ) में मंत्रियों की जनसुनवाई नियमित रूप से शुरू कराने का बड़े नेताओं ने दावा जरूर कर दिया, लेकिन इस पर अभी तक अमल नहीं हो सका है। सत्ता और संगठन में तालमेल नहीं होने से मंत्रियों की जनसुनवाई ( Public Hearing ) को लेकर अभी तक रोस्टर ही तैयार नहीं हो सका है।

सूत्रों की मानें तो मंत्रियों की ओर से भी समय नहीं दिया जा रहा। इसके बावजूद भी रामनवमी के दिन आनन-फानन में ऊर्जा मंत्री बी.डी. कल्ला ( BD Kalla ) से जनसुनवाई तो शुरू करा दी गई, लेकिन उसके बाद से जनसुनवाई को लेकर कोई भी मंत्री दो दिन से पार्टी मुख्यालय नहीं पहुंच रहा। हालात यह है कि पार्टी मुख्यालय में आ रहे लोगों को संतोषजनक जबाव तक नहीं मिला रहा। ऐसे में बुधवार को कांग्रेस मुख्यालय फरियाद लेकर पहुंचे लोगों को बैरंग लौटना पड़ा।

राज्य की दो विधानसभा सीट खींवसर ( Khimsar ) और मण्डावा ( Mandawa ) पर उप चुनाव ( Byelection ) और अगले माह होने वाले निकाय चुनावों पर मंथन को लेकर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ( CM Ashok Gehlot ), उप मुख्यमंत्री व प्रदेशाध्यक्ष सचिन पायलट ( Sachin Pilot ) और प्रदेश प्रभारी अविनाश पाण्डे ( Avinash Pandey ) की मौजूदगी में प्रदेश के मंत्री, विधायक और वरिष्ठ नेताओं की बैठक के बाद पार्टी मुख्यालय में मंत्रियों की नियमित जनसुनवाई शुरू कराने का एलान किया गया था। इस एलान के बाद 7 को रामनवमी के मौके पर आनन-फानन में जनसुनवाई हुई, लेकिन उसके बाद से कोई मंत्री नहीं पहुंचा। जो लोग फरियाद लेकर कार्यालय पहुंच रहे हैं। उन्हें पदाधिकारी सही जबाव देने के बजाय एक-दूसरे कमरे में लेकिन यहां कोई सुनने भेजते नजर आए। कुछ ने तो मंत्रियों के घरों पर जाने के लिए कह दिया। पदाधिकारियों का कहना था कि अभी जनसुनवाई को लेकर मंत्रियों का रोस्टर बनाया जा रहा है।

यों परेशान होते रहे लोग
भामाशाह कार्ड ( Bhamashah Card ) चालू नहीं होने से चिकित्सा सुविधा नहीं मिल रही। ई-मित्र कियोस्क वाले चक्कर कटवा रहे हैं। बेटा अस्पताल में भर्ती है। डॉक्टर पैरेलिसिस की शिकायत बता रहे हैं। पचास हजार से ज्यादा उपचार का खर्चा बता रहे हैं। लोगों ने कांग्रेस मुख्यालयों में जनसुनवाई में शिकायत दर्ज कराने के लिए कहा तो यहां आ गए। लेकिन यहां कोई संतोषजनक जबाव देना वाला भी नहीं हैं।

- अतीक उल्ला खान, जयपुर (पत्नी के साथ फरियाद लेकर आए थे)

स्कूल में अध्यापक नहीं होने और पंचायत पुर्नगठन से संबंधित शिकायत लेकर आए थे। लेकिन यहां कोई सुनने वाला ही नहीं है। किराए में एक हजार रूप खर्च हो गए। अब फिर आना पड़ेगा।

- बीकालाल सुथार, रायपुर पाली, (एक अन्य साथी के साथ आए थे)