स्लो इंटरनेट स्पीड होने पर आपको पत्रिका लाइट में शिफ्ट कर दिया गया है ।
नॉर्मल साइट पर जाने के लिए क्लिक करें ।

राजस्थान में उपचुनावों से पहले कांग्रेस में हो सकता है बड़ा फेरबदल, इन पदाधिकारियों को किया जा सकता है संगठन से मुक्त

rohit sharma

Publish: Jun 05, 2019 21:04 PM | Updated: Jun 05, 2019 21:04 PM

Jaipur

राजस्थान में कांग्रेस की करारी हार के बाद अब पार्टी संगठन में फेरबदल की तैयारी करने में जुट गई है। स्थानीय निकाय और विधानसभा उप चुनाव से पहले अब प्रदेश कांग्रेस संगठन पदाधिकारियों में बड़ा फेरबदल करने की तैयारी में है। प्रदेशाध्यक्ष सचिन पायलट ने इसे लेकर मंथन भी शुरू कर दिया है।

जयपुर।

राजस्थान में lok sabha chunav 2019 में कांग्रेस की करारी हार के बाद अब पार्टी संगठन में फेरबदल की तैयारी करने में जुट गई है। स्थानीय निकाय और विधानसभा उप चुनाव से पहले अब प्रदेश कांग्रेस संगठन पदाधिकारियों में बड़ा फेरबदल करने की तैयारी में है। प्रदेशाध्यक्ष सचिन पायलट ( Sachin Pilot ) ने इसे लेकर मंथन भी शुरू कर दिया है।

congress

इन पदाधिकारियों को किया जा सकता है संगठन से मुक्त

लोकसभा चुनाव में सभी 25 सीटों पर हार से कांग्रेस कार्यकर्ता असहज महसूस कर रहे हैं। हालत ये हैं कि बड़े नेताओं ने हार को लेकर परस्पर आरोप प्रत्यारोप तक लगाने शुरू कर दिए हैं। ऐसे में पार्टी में उपजी आंतरिक कलह को दूर करने के लिए अब प्रदेश पदाधिकारियों के साथ ही जिलों में बड़े बदलाव की तैयारी शुरू हो गई है। पार्टी में तीन दर्जन से ज्यादा बड़े पदाधिकारी ऐसे हैं, जो विधायक या अन्य पदों पर सत्ता में भागीदारी पा चुके हैं। ऐसे पदाधिकारियों को अब संगठन से मुक्त किया जा सकता है।

congress

कार्यकर्ताओं में जमीनी जोश भरने के लिए हो सकता है ये निर्णय

विधानसभा चुनाव 2018 चुनाव के बाद भी यह मांग उठी थी। अब लोकसभा चुनाव के बाद स्वर तेज हो गए हैं। ऐसे में प्रदेश संगठन ने जमीनी कार्यकर्ता में जोश भरने के लिए यह कदम उठाने का निर्णय किया है।

 

26 पदाधिकारी बने मंत्री-विधायक

कांग्रेस के छह प्रदेश उपाध्यक्ष ऐसे हैं जो गहलोत सरकार में मंत्री हैं। इनमें रघु शर्मा ( raghu sharma ), प्रमोद जैन भाया ( Pramod Jain Bhaya ), विश्वेन्द्र सिंह ( Vishvendra Singh ), भंवर लाल मेघवाल ( bhanwar lal meghwal ), उदयलाल आंजना, गोविन्द सिंह डोटासरा ( Govind Singh Dotasra ) शामिल हैं। तीन उपाध्यक्ष खिलाड़ीलाल बैरवा, अशोक बैरवा व महेंद्रजीत सिंह मालवीया विधायक बन चुके हैं। दो महामंत्री में महेन्द्र चौधरी सरकारी उप मुख्य सचेतक हैं, वहीं मुरारीलाल मीणा विधायक हैं।

 

प्रदेश के 9 सचिवों में से 8 विधायक और एक मंत्री पद पर आसीन है। अर्जुन बामणिया राजयमंत्री बन गए हैं। वहीं, जाहिदा खान, प्रशांत बैरवा, दानिश अबरार, अमीन कागजी, रोहित बोहरा, चेतन डूडी, कृष्णा पूनिया ( Krishna Poonia ) और इंद्राज गुर्जर विधायक हैं। सत्ता के भागीदारों की सूची में दो अग्रिम संगठनों के अध्यक्ष भी शामिल हैं। इनमें युवा कांग्रेस के अध्यक्ष अशोक चांदना और सेवादल के प्रदेश संगठक राकेश पारीक विधायक बन गए हैं।

pratap singh

जिलाध्यक्ष भी सत्ता में भागीदार

जयपुर शहर कांग्रेस अध्यक्ष प्रताप सिंह खाचरियावास ( pratap singh khachariyawas ), जयपुर देहात के राजेंद्र यादव, अलवर देहात जिलाध्यक्ष टीकाराम जूली मंत्री हैं। वहीं झुंझुनूं जिलाध्यक्ष जितेंद्र सिंह विधायक हैं।