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यात्रियों को नहीं होना पड़ेगा परेशान, जयपुर जंक्शन पर अब होने जा रहा ये बड़ा काम

Dinesh Saini

Publish: Jan 18, 2020 12:02 PM | Updated: Jan 18, 2020 12:02 PM

Jaipur

जयपुर जंक्शन ( Jaipur Junction ) रेलवे स्टेशन से राहत की खबर है। अब यहां प्लेटफॉर्म-1 पर यात्रियों को ट्रेन पकडऩे में अब परेशानी नहीं होगी, क्योंकि प्लेटफॉर्म की लंबाई 83 मीटर बढ़ेगी। अभी प्लेटफॉर्म की लंबाई कम होने की वजह से 20 से अधिक कोच वाली ट्रेनों के कई कोच प्लेटफॉर्म से बाहर ही रह जाते हैं...

जयपुर। जयपुर जंक्शन ( Jaipur Junction ) रेलवे स्टेशन से राहत की खबर है। अब यहां प्लेटफॉर्म-1 पर यात्रियों को ट्रेन पकडऩे में अब परेशानी नहीं होगी, क्योंकि प्लेटफॉर्म की लंबाई 83 मीटर बढ़ेगी। अभी प्लेटफॉर्म की लंबाई कम होने की वजह से 20 से अधिक कोच वाली ट्रेनों के कई कोच प्लेटफॉर्म से बाहर ही रह जाते हैं। इस वजह से यात्रियों को कोच में चढऩे और उतरने में परेशानी का सामना करना पड़ता है। रेलवे प्रशासन प्लेटफॉर्म की लंबाई बढ़ाने की तैयारी लंबे समय से कर रहा था। रेलवे अधिकारियों के मुताबिक प्लेटफॉर्म कुल लंबाई 633 मीटर हो जाएगी। रेलवे के मुताबिक इसका निर्माण कार्य इस माह में शुरू हो जाएगा। बता दें, यह प्लेटफॉर्म जयपुर जंक्शन का सबसे व्यस्त प्लेटफॉर्म है।

होती हैं लंबी दूरी की ट्रेनें प्रभावित
जयपुर जंक्शन से आने-जाने वाली कई ट्रेनों में कोच की संख्या 24 तक है। उन्हें प्लेटफॉर्म एक की बजाय प्लेटफॉर्म तीन और चार से संचालित किया जाता है। हावड़ा सुपरफास्ट, मुुंबई सुपरफास्ट, योगा एक्सप्रेस, मंडोर एक्सप्रेस, राजकोट-दिल्ली सुपरफास्ट व पूजा एक्सप्रेस समेत कई ट्रेनों में दिक्कत होती है। प्लेटफॉर्म बड़ा होने उन्हें एक नंबर से संचालित किया जा सकेगा।

वहीं दूसरी ओर सालों से विवादित चले आ रहे बीआरटीएस (बस रेपिड ट्रांजिट सिस्टम) कॉरिडोर को भी अब जल्द ही शहर से हटाया जा सकता है। परिवहन मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास की अध्यक्षता में शुक्रवार को सचिवालय में हुई स्टेट रोड सेफ्टी काउंसिल की बैठक में बीआरटीएस कोरिडोर को हटाने का भी फैसला लिया गया। बैठक के बाद परिवहन मंत्री ने कहा कि राजधानी में 2018 के आंकड़ों को देखें तो इनमें से 1271 मौतें सडक़ हादसों में हुई हैं। इनमें से अधिकतर मौत बीआरटीएस कॉरिडोर के कारण ही हुए हैं। परिवहन मंत्री ने कहा कि कॉरिडोर यूडीएच के अधीन आता है, इसीलिए प्रस्ताव तैयार किया जाएगा, जिसे यूडीएच को भेजा जाएगा। अगली बैठक में यूडीएच मंत्री शांति धारिवाल को बुलाकर कॉरिडोर की समस्या के बारे में बताकर हटाने की बात की जाएगी। बता दें कि सांगानेर और विद्याधर नगर विधानसभा क्षेत्र के लोग इसे शुरू से हटाने की मांग कर रहे हैं। हर बार चुनावों में इसे मुद्दा बनाया जाता है, लेकिन अभी तक कोई सरकार इसे बंद करने का निर्णय नहीं ले पाई है।

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