स्लो इंटरनेट स्पीड होने पर आपको पत्रिका लाइट में शिफ्ट कर दिया गया है ।
नॉर्मल साइट पर जाने के लिए क्लिक करें ।

Pitru Paksha 2019 Dates: पितरों का श्राद्ध करने वाले व्यक्ति को सभी दोषों से मिलती है मुक्ति

Santosh Kumar Trivedi

Publish: Sep 11, 2019 09:37 AM | Updated: Sep 11, 2019 10:19 AM

Jaipur

Pitru Paksha 2019 Dates: आगामी 13 सितम्बर से इस बार पितृपक्ष की शुरुआत होगी। इस दिन भाद्रपद शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी युक्त पूर्णिमा के साथ ही धृतियोग और सप्तभिषा नक्षत्र का भी संयोग रहेगा।

 

जयपुर। भाद्रपद पूर्णिमा 13 सितंबर को धृतियोग और सप्तभिषा नक्षत्र में श्राद्धपक्ष की शुरुआत होगी। इस बार 16 सितंबर को कोई श्राद्ध नहीं होगा, 15 सितंबर को द्वितीया का श्राद्ध होगा, वहीं 17 सितंबर को तृतीया का श्राद्ध होगा। शास्त्रों के अनुसार अपराह्न व्यापनी तिथि पर ही श्राद्ध किया जाता है। 16 सितंबर को कोई भी तिथि अपराह्न व्यापनी नहीं हैं। एेसे में 16 सितंबर को कोई श्राद्ध नहीं होगा। 25 सितंबर को एकादशी और द्वादशी का श्राद्ध एक ही दिन होगा। श्राद्ध पक्ष 28 सितंबर को आश्विन कृष्ण अमावस्या तक रहेगा। हालांकि पूर्णिमा का श्राद्ध भाद्रपद शुक्ल पूर्णिमा पर 13 सितंबर को होगा।


ज्योतिषाचार्य चन्द्रशेखर शर्मा ने बताया कि शास्त्रानुसार अपराह्न व्यापिनी तिथि दो दिन असमान रूप से व्याप्त रहे यानी एक दिन अधिक और दूसरे दिन कम समय व्याप्त रहे तो वहां अधिक अपराह्न काल व्याप्त होने वाली तिथि को श्राद्ध करना चाहिए। इस वर्ष श्राद्ध पक्ष में पार्वण श्राद्ध निकालने का समय दोपहर 1.35 बजे से 3.55 बजे के बीच रहेगा। इस वर्ष भाद्रपद शुक्ल चतुर्दशी की वृद्धि होने से 13 से 15 सितंबर तक पूर्णिमा, प्रतिपदा व द्वितीया तिथि दोपहर 12.14 बजे तक समाप्त हो रही है, इसलिए इन तीनों तिथियों का पूर्व दिन ही अपराह्न काल में विधमान है।

पूर्णिमा का श्राद्ध 13 को, प्रतिपदा का 14 को और द्वितीया का 15 सितंबर को श्राद्ध होगा। द्वितीया तिथि 15 व 16 सितंबर को दोनों दिन अपराह्न काल में असमान रूप से व्याप्त है, 15 सितंबर को संपूर्ण अपराह्न काल और 16 सितंबर को दोपहर 1.35 से 2.36 बजे तक आंशिक अपराह्न काल तक व्याप्त होने से पहले दिन 15 सितंबर को द्वितीया का श्राद्ध शास्त्रानुसार रहेगा। इसी तरह 25 सितंबर को अपराह्न काल दोपहर 1.31 से 3.54 बजे तक एकादशी व द्वादशी दोनों तिथियां रहेगी। एेसे में दोपहर 1.31 बजे से 2.09 बजे के मध्य एकादशी का श्राद्ध तथा दोपहर 2.09 से दोपहर 3.54 बजे तक द्वादशी का श्राद्ध रहेगा। इसी तरह 26 सितंबर केा तेरस का, 27 को चतुर्दशी व 28 सितंबर को सर्वपितृ श्राद्ध रहेगा।

किस दिन कौनसा श्राद्ध
13 सितंबर - पूर्णिमा का श्राद्ध
14 सितंबर - प्रतिपदा का श्राद्ध
15 सितंबर - द्वितीया का श्राद्ध
17 सितंबर - तृतीया का श्राद्ध
18 सितंबर - चतुर्थी व भरणी का श्राद्ध
19 सितंबर - पंचमी व कृत्तिका का श्राद्ध
20 सितंबर - षष्ठी का श्राद्ध
21 सितंबर - सप्तमी का श्राद्ध
22 सितंबर - अष्टमी का श्राद्ध
23 सितंबर - नवमी का श्राद्ध
24 सितंबर - दशमी का श्राद्ध
25 सितंबर - एकादशी व द्वादशी का श्राद्ध और संन्यासियों का श्राद्ध
26 सितंबर - त्रयोदशी का श्राद्ध, मघा का श्राद्ध
27 सितंबर - चतुर्दशी का श्राद्ध
28 सितंबर - सर्वपितृ श्राद्ध

ये खबरें भी जरूर पढ़ें

...बाबा तेरी जय बोलेंगे, नाचते गाते हर दिन रामदेवरा पहुंच रहे हजारों श्रद्धालु

Watch: प्रेमियों को मिलाने वाले गणेशजी, राजस्थान में है प्रसिद्ध इश्किया गजानन मंदिर

जियारत के लिए साल में एक बार खुलता है बाबा फरीद का चिल्ला, पाकिस्तान में है बाबा की मजार

इको फ्रेंडली गणेश जी! पर्यावरण को बचाने के लिए राजस्थान में यहां शुरू हुई अनूठी पहल