स्लो इंटरनेट स्पीड होने पर आपको पत्रिका लाइट में शिफ्ट कर दिया गया है ।
नॉर्मल साइट पर जाने के लिए क्लिक करें ।

संसद का शीतकालीन सत्र 18 नवंबर से

Anoop Singh

Publish: Oct 22, 2019 01:37 AM | Updated: Oct 22, 2019 01:37 AM

Jaipur

कश्मीर व आर्थिक सुस्ती पर हो सकती है तनातनी

नई दिल्ली. पिछले दो वर्षों की तुलना में इस बार संसद का शीतकालीन सत्र छोटा होगा। इस बार सत्र 18 नवंबर से शुरू होकर 13 दिसंबर तक चलेगा। दो वर्षों से शीतकालीन सत्र 21 नवंबर को शुरू होकर जनवरी के पहले सप्ताह तक चल रहा था। जानकारों की मानें तो इस सत्र में सरकार कई महत्त्वपूर्ण अध्यादेशों को संसद से पारित कराने पर जोर देगी, वहीं विपक्ष का जोर आर्थिक सुस्ती और कश्मीर में अनुच्छेद-370 पर लिए फैसले के बाद के हालात पर रह सकता है।
पिछले हफ्ते, संसदीय मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति (सीसीपीए) ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के आवास पर सत्र के संभावित कार्यक्रम पर चर्चा की थी। संसदीय कार्य मंत्रालय ने सोमवार को संसद के दोनों सदनों के सचिवालयों को तारीखों की सूचना दे दी है। गौरतलब है कि पिछले सत्र में रेकॉर्ड काम हुआ था। लोकसभा में 37 बैठकों के दौरान 280 घंटों में 36 बिलों को पास किया गया था, जिसमें तीन तलाक बिल, जमू-कश्मीर पुनगर्ठन बिल जैसे महत्त्वपूर्ण विधेयक भी शामिल थे। वहीं राज्यसभा की 25 बैठकों में 32 बिल पास किए गए थे।
ये अध्यादेश बन सकते हैं कानून
सितंबर में इनकम टैक्स एक्ट 1961 और फाइनेंस एक्ट 2019 पर सरकार अध्यादेश ला चुकी है। आगामी सत्र में इस अध्यादेश पर फैसला हो सकता है। दूसरा अध्यादेश भी पिछले महीने लाया गया, जो ई-सिगरेट और इससे जुड़े उपकरणों के निर्माण, स्टोरेज और बिक्री से जुड़ा है। इस सत्र में इस पर भी सरकार कानून बना सकती है।