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संसद के शीतकालीन सत्र की तारीख लगभग तय...ये बिल होंगे पेश

Sanjay Kaushik

Publish: Oct 17, 2019 01:32 AM | Updated: Oct 17, 2019 01:32 AM

Jaipur

संसद का शीतकालीन सत्र ( Winter Session of Parliament)अगले महीने की 18 तारीख से शुरू होकर दिसंबर के तीसरे सप्ताह चक चलने की संभावना(Dates Decided) है। इस दौरान नागरिकता संशोधन विधेयक(Citizenship Amendment Bill) सहित कई महत्वपूर्ण विधेयक पेश किये जाने की संभावना(Possibility of introduction of bill) है।

-दिसंबर के तीसरे सप्ताह तक चलने की संभावना

-केंद्रीय मंत्रिमंडल की संसदीय समिति की बैठक में निर्णय

--नागरिकता संशोधन विधेयक पेश करने की संभावना

नई दिल्ली। संसद का शीतकालीन सत्र ( Winter Session of Parliament)अगले महीने की 18 तारीख से शुरू होकर दिसंबर के तीसरे सप्ताह चक चलने की संभावना(Dates Decided) है। इस दौरान नागरिकता संशोधन विधेयक(Citizenship Amendment Bill) सहित कई महत्वपूर्ण विधेयक पेश किये जाने की संभावना(Possibility of introduction of bill) है। रक्षा मंत्री राजनाथ ङ्क्षसह की अध्यक्षता में बुधवार को यहां हुई मंत्रिमंडल की संसदीय मामलों की समिति की बैठक में यह निर्णय लिया गया।

-तिथियों की औपचारिक घोषणा नहीं

सूत्रों के अनुसार मंत्रिमंडल की संसदीय मामलों की समिति की बैठक के बाद अभी संसद के शीतकालीन सत्र के बारे में तिथियों की कोई औपचारिक घोषणा नहीं की गई है, लेकिन ऐसी संभावना है कि यह सत्र 18 नवंबर से शुरू होकर दिसंबर के तीसरे सप्ताह तक चलेगा। इस बारे में हालांकि अंतिम मंजूरी मंत्रिमंडल की बैठक में मिलेगी, जिसके बाद इसकी आधिकारिक घोषणा की जाएगी।

-विपक्ष इन मुद्दों पर घेरेगा सरकार को

जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद यह संसद का पहला सत्र होगा और इसमें विपक्ष इस मुद्दे पर सरकार को घेरने की कोशिश करेगा। सत्र में अर्थव्यवस्था में मंदी, किसानों की समस्या और अन्य ज्वलंत मुद्दों पर भी गरमागरम चर्चा होगी।

-मोदी सरकार पार्ट-2 का दूसरा सत्र

मोदी सरकार के दूसरी बार सत्ता में आने के बाद यह संसद का दूसरा सत्र होगा। पहले सत्र में सरकार ने अपना पहला बजट पेश किया था। बैठक में संसदीय कार्य मंत्री प्रहलाद जोशी , संसदीय कार्य राज्यमंत्री वी. मुरलीधरन तथा अर्जुनराम मेघवाल के समेत समिति के अन्य सदस्यों ने हिस्सा लिया।

-मोदी सरकार का पहला ऐतिहासिक सत्र

17वीं लोकसभा के पहले सत्र में कुल 37 बैठकें हुईं जो 280 घंटे तक चलीं। इस दौरान कुल 539 सदस्यों ने सदस्यता की शपथ ली तथा कुल 36 विधेयक पारित हुए। जम्मू और कश्मीर राज्य के बारे में संविधान के अनुच्छेद 370 से संबंधित सांविधिक संकल्प तथा जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन विधेयक 2019 पारित पारित किया गया। इस सत्र का सबसे दिलचस्प तथ्य यह रहा कि इस बार 265 नवनिर्वाचित सदस्यों को सभा में अपने संसदीय निर्वाचन क्षेत्र से जुड़े मुद्दों को उठाने का अवसर प्राप्त हुआ जो एक बहुत बड़ी उपलब्धि है। यह 1952 से लेकर अब तक का सबसे स्वर्णिम सत्र रहा।