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जब देखी ये अजीब चीज तो उड़ गए ग्रामीणों के होश

Ashish sharma

Publish: Oct 10, 2019 17:32 PM | Updated: Oct 10, 2019 17:32 PM

Jaipur

Panic of crocodiles : चंबल नदी के उफान पर आने से राजस्थान के धौलपुर जिले में कुछ दिन पहले बने बाढ़ के हालातों में हुए नुकसान और परेशानी से स्थानीय लोग अभी ठीक से उभर भी नहीं पाए कि....

 

 

जयपुर
Panic of crocodiles : चंबल नदी के उफान पर आने से राजस्थान के धौलपुर जिले में कुछ दिन पहले बने बाढ़ के हालातों में हुए नुकसान और परेशानी से स्थानीय लोग अभी ठीक से उभर भी नहीं पाए कि अब चंबल नदी के किनारे बसे कई गांवों में इन दिनों लोग मगरमच्छों के आतंक से परेशान हैं। जब से इस इलाके में चंबल का पानी उतरा है तब से आए दिन यहां लोग मगरमच्छ देखे जाने की शिकायत कर रहे हैं। आकार में बड़े इन मगरमच्छों को देखकर स्थानीय लोगों में दहशत फैल जाती है। यह डर सताता रहता है कि कहीं कोई अनहोनी नहीं हो जाए। धौलपुर के गमा गांव में नजर आए मगरमच्छ को देखकर तो हर कोई हैरान रह गया।
दरअसल, गमा गांव में ग्रामीणों ने जो मगरमच्छ देखा, वो आकार में करीब 15 फीट तक लंबा है। इसे देख स्थानीय लोेगों में पहले दहशत फैल गई लेकिन बाद में जब इस मगरमच्छ को रेक्स्यू किया गया तो इसे देखने के लिए स्थानीय लोगों का बड़ी संख्या में हुजूम लग गया। आपको बता दें कि धौलपुर जिले में बीते दिनों चंबल नदी में बने बाढ़ के हालात अब सामान्य हो गए हैं, लेकिन नदी में आई बाढ़ के बाद नदी में पाए जाने वाले मगरमच्छ नदी किनारे बसे गांव वालों के लिए परेशानी का सबब बने हुए हैं। आए दिन चंबल नदी के किनारे पर बने गांव में इन मगरमच्छों का मूवमेंट देखा जा रहा है। गमा गांव के पास एक लगभग 15 फीट लंबे मगरमच्छ को देखकर ग्रामीणों में हड़कंप मच गया। ग्रामीणों ने जैसे ही मगरमच्छ को देखा तो दहशत फैल गई। एक बार तो ग्रामीणों से इसे पकड़ने की हिम्मत जुटाई लेकिन इसके आकार को देखकर स्थानीय लोगों के होश उड़ गए।

हिम्मत नहीं जुटा पाए ग्रामीण

हालांकि फिर ग्रामीणों ने इसकी सूचना विभाग की टीम को दी। जानकारी मिलने पर वन विभाग की टीम ने स्थानीय लोगों की मदद से कड़ी मशक्कत के बाद इस 15 फीट के मगरमच्छ को रेस्क्यू किया। बाद में मगरमच्छ को चंबल नदी में छोड़ दिया गया। ग्रामीणों का कहना है कि जब चंबल का जलस्तर बढ़ा था, उस समय मगरमच्छ नदी किनारे बसे गांवों में आ गए। फिर यहां पानी का स्तर कम होने पर दर्रों में फंस गए। जिसके बाद आए दिन मगरमच्छों का मूवमेंट यहां देखा जा रहा है। ऐसे में इन दिनों यहां पर इस बात का खतरा मंडरा रहा है कि कहीं कोई मगरमच्छ पशुओं के साथ ही ग्रामीणों को अपना शिकार नहीं बना ले।