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गुलाबी नगर में गरजेंगे बुलडोजर

Shailendra Kumar Agrawal

Publish: Sep 17, 2019 02:05 AM | Updated: Sep 17, 2019 02:05 AM

Jaipur

परकोटे के दो कॉम्प्लेक्स सहित 143 भवनों में अवैध निर्माण बने हुए हैं हेरिटेज को खतरा
परकोटे के बाहर सड़क, पार्क व सुविधा क्षेत्रों पर अतिक्रमण भी नहीं बचेंगे

जयपुर। गुलाबी नगरी में एक बार फिर बुलडोजर गरजेंगे। यूनेस्को से हेरिटेज का सम्मान पाने वाले जयपुर शहर के परकोटा क्षेत्र में दो कॉम्प्लेक्स व दो हवेलियों सहित 143 भवनों के अवैध निर्माण मलबे के ढेर में बदलेंगे, वहीं परकोटे के बाहर पार्क, सड़क व सुविधा क्षेत्र में धनबल या भुजबल के दम पर किए गए निर्माण भी नहीं बचेंगे। हाईकोर्ट जयपुर शहर के परकोटा क्षेत्र में हेरिटेज भवनों में छेड़छाड़ और परकोटे के बाहर की कॉलोनियों में पार्क, सड़क व सुविधा क्षेत्र में हुए अतिक्रमण के दो अलग—अलग मामलों में सुनवाई कर रहा है।
परकोटा क्षेत्र के हेरिटेज भवनों के मामले में जयपुर नगर निगम ने हाईकोर्ट को बताया है कि गुलाबी नगर के परकोटे के भीतर के 19 भवन बिना अनुमति बनने के कारण उनको पूरी तरह गिराने का मन बना लिया है, जबकि 124 भवनों में अवैध रूप से किए गए निर्माण को गिराया जाएगा। इनके अलावा परकोटे के भीतर के उन दूसरे निर्माणों को भी चिन्हित किया जा रहा है, जो हाईकोर्ट में पेश 143 भवनों की सूची में शामिल नहीं है। निगम ने हाईकोर्ट में यह जानकारी पेश कर दी। अब कोर्ट इस मामले में बुधवार को फिर सुनवाई करने वाला है।
नगर निगम इसी सप्ताह जयपुर के परकोटे में अवैध रूप से बने भवनों को ढहाने के लिए कानूनी प्रक्रिया शुरू कर सकता है, क्योंकि इनमें से 19 भवनों को हटाने के लिए निगम ने हाईकोर्ट से 3 माह का समय ही लिया है। इस मामले पर राजस्थान हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश एस रविन्द्र भट्ट व न्यायाधीश प्रकाश गुप्ता की खण्डपीठ सुनवाई कर रही है। जयपुर के परकोटा क्षेत्र में अवैध निर्माणों के मामले में हाईकोर्ट ने स्वप्रेरणा से यह याचिका दर्ज की थी। निगम ने कोर्ट को बताया है कि जयपुर के परकोटा क्षेत्र में अवैध निर्माण के कार्रवाई के लिए चिन्हित 143 भवनों के नियम विरूद्ध हुए निर्माणों पर 3 चरण में कार्रवाई की जाएगी। निगम ने सभी अवैध निर्माणों पर एकसाथ कार्रवाई करने पर कानून-व्यवस्था प्रभावित होने का खतरा बताया है।
400 भवनों को बताया है हेरिटेज
जयपुर नगर निगम ने जयपुर शहर के परकोटा क्षेत्र के 400 भवनों को हेरिटेज बताते हुए इन भवनों की सूची हाईकोर्ट में पेश की है। इन भवनों को यूनेस्को ने हेरिटेज भवन के रूप में चिन्हित किया है। निगम की ओर से कोर्ट में यह जानकारी भी दी गई है कि इनके भवनों के संबंध में मुख्य सचिव की अध्यक्षता में राज्य स्तरीय कमेटी गठित की है। जयपुर को हैरीटेज सिटी बनाने के लिए डवलपमेंट एंड रिसर्च ऑर्गेनाईजेशन फॉर नेचर, आर्ट एंड हैरीटेज नाम की संस्था को काम दिया है।
इन निर्माणों को हटाने पर सुप्रीम कोर्ट की रोक
नगर निगम की ओर से कोर्ट को यह भी बताया है कि इ्ंद्रा बाजार, नेहरू बाजार, बापू बाजार व संजय बाजार में परकोटे की दीवार के पांच मीटर के दायरे में हजारों की संख्या में मकान—दुकान बने हुए हैं, लेकिन उन पर कार्रवाई पर सुप्रीम कोर्ट से स्टे चल रहा है।
नगर निगम इस तरह करेगा कार्रवाई
पहला चरण— अवैध रूप से बने 19 भवनों पर तीन माह में कार्रवाई की जाएगी।
दूसरा चरण— आंशिक रूप से अवैध निर्माण वाले 12 भवन। पहले चरण की कार्रवाई पूरी होने के बाद तीन माह के भीतर इन आंशिक अवैध निर्माणों पर कार्रवाई की जाएगी।
तीसरा चरण— कम अवैध निर्माण वाले 112 भवन। इन अवैध निर्माणों पर दूसरा चरण पूरा होने पर 6 माह के भीतर कार्रवाई की जाएगी।