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अब कौओं की मौत का सिलसिला जारी,एक सप्ताह में 77 की मौत

HIMANSHU SHARMA

Publish: Dec 06, 2019 11:24 AM | Updated: Dec 06, 2019 11:24 AM

Jaipur

सांभर झील में प्रवासी पक्षियों की मौत के बाद अब कौओं ने बढ़ाई मुश्किल



जयपुर
सांभर झील में हजारों प्रवासी पक्षियों की मौत के बाद अब आनासागर झील में कौओं की मौत का सिलसिला जारी हैं। झील से करीब एक सप्ताह में 77 कौओं के शव मिल चुके हैं। झील के आसपास में मृत कौवों की संख्या में बढ़ोतरी हो रही हैं। पशु चिकित्सकों की माने तो पट्टीकटला इलाके से 8 और ब्यावर में 9 कौओं के मृत मिलने के बाद अब इनकी संख्या 77 पहुंच गई हैं। गौरतलब है कि पहले दिन झील में सात मृत कौवें मिले थे। जिसके बाद से इनके शव मिलने का सिलसिला जारी हैं। हालांकि इनकी मौत कैसे हो रही है अभी इसका अभी स्पष्ट पता नहीं लग पाया हैं। पशु चिकित्सकों ने मृत मिले कौवों का पोस्टमार्टम कर सैंपल लैब में भिजवा दिए हैं। वहीं एक पहले हुए पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मृत पाए गए कौओं की रिपोर्ट मिल गई हैं। हालांकि इस रिपोर्ट से वन विभाग किसी भी कारण को नहीं जान सका है। यह रिपोर्ट भोपाल आनन्द नगर नेशनल इन्सटीट्यूट ऑफ हाई सिक्योरिटी एनिमल डिसीज ने दी है। जिसमें उसने कौओं की मौत बर्ड फ्लू से होने की संभावना से इनकार किया है। अब वन विभाग व पशुपालन विभाग को कौए में कोल्ड स्ट्रोक व दूषित भोजन से मौत होने की संभावनाएं नजर आ रही हैं। एक के बाद एक कौओं की मौत के बाद अब वन विभाग ने मृत कौओं के विसरा सेम्पल उत्तर प्रदेश इज्जतनगर स्थित वेटेनरी रिसर्च इन्सटीट्यूट भेजा गया है। बरेली से रिपोर्ट मिलने के बाद मौत के कारण स्पष्ट हो सकेंगे।
रिपोर्ट आने तक बढ़ सकती है संख्या
सांभर झील में पक्षियों की मौत के कारणों की रिपोर्ट आने तक हजारों पक्षी मौत के मुंह में समां गए थे। रिपोर्ट आने का इंतजार और विभागों की आनकानीहजारों पक्षियों की मौत का कारण बना। इसी तरह अब कौओं की मौत का सिलसिला जारी हैं। वन विभाग और पशु विभाग के अधिकारी यहां कौओं पर नजर रखे हुए हैं। लेकिन वन्य जीव विशेषज्ञों की माने तो अभी तक कौओं की मौत का कारण ही पता नहीं लगा है तो ऐसे में इलाज कैसे संभव होगा। कौए की मौत से शव सड़ने से आनासागर झील में सक्रंमण फैल सकता है। क्योकि सांभर झील में लापरवाही के कारण संक्रमण फैल गया था और मृत पक्षी ही जिंदा पक्षियों की मौत के कारण बन गए थे। इसी तरह पहले से मौजूद शव अन्य कौऔं की मौत का कारण बन सकते हैं। क्योकि झील के आसपास पाए जाने वाले कौओं को देखने मे वह कमजोर और निष्क्रिय दिखाई दे रहे हैं। इसी तरह सांभर झील में प्रवासी पक्षी मेगटस को खाकर लगातार एक के बाद एक मर रहे थे। इसलिए पक्षी विशेषज्ञ इस आशंका से इनकार नहीं कर रहे है कि यहां भी कौओं की मौत सिलसिला जारी रह सकता हैं।

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