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नए टारगेट... मिशन मोड में उद्योग विभाग

chandra shekar pareek

Publish: Jan 24, 2020 19:02 PM | Updated: Jan 24, 2020 19:02 PM

Jaipur

राजस्थान में सरकार का उद्योग विभाग आजकल सबसे ज्यादा सक्रिय नजर आ रहा है। मुख्यमंत्री की इस विभाग पर सीधी नजर है और लक्ष्य है राजस्थान में निवेश को आकर्षित करना। इसलिए नई नीति बनाने के बाद विभाग नए लक्ष्य बनाकर अब इन पर चलने को तैयार है।

प्रकरणों को जल्द निपटाने के निर्देश
उद्योग विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुबोध अग्रवाल ने उद्योग व संबंधित विभागों की प्राथमिकता तय करते हुए विधानसभा प्रश्नों, विशेष उल्लेख से संबंधित बिंदुओं, जन घोषणा पत्र, बजट घोषणाओं, मुख्यमंत्री, उद्योग मंत्री की घोषणाओं, निर्देशों और पत्रों के साथ ही केन्द्र सरकार के प्रकरणों के त्वरित निस्तारण के निर्देश दिए हैं।
उच्च स्तरीय बैठक में शामिल सभी विभाग
डॉ. अग्रवाल शुक्रवार को यहां उद्योग भवन में उद्योग विभाग, रीको, बीआईपी, आरएफसी, आरएफसी, बुनकर संघ, रुडा सहित संबंधित विभागों की उच्च स्तरीय बैठक को संबोधित कर रहे थे।
रिमाइंडर की स्थिति नहीं आने दी जाएगी
उन्होंने जोर देकर कहा कि किसी भी स्तर से किसी भी संदर्भ में रिमाइंडर की स्थिति आना उचित नहीं कहा जा सकता। उन्होंने कहा कि आयुक्त उद्योग विभाग के स्तर पर जिस तरह की त्वरित कार्य निष्पादन की संस्कृति विकसित है उसी तरह की व्यवस्था अन्य विभागों व संस्थानों में होना चाहिए।
नई नीति से आने लगे हैं निवेशक
उन्होंने कहा कि बहुत कम समय में ही विभिन्न नीतियां व योजनाएं तैयार कर जारी की गई है उससे औद्योगिक क्षेत्र में विभाग के प्रति सोच में बदलाव आया है और निवेशक आगे आने लगे हैं।
केंद्र सरकार के साथ है बेहतर तालमेल
ए.सी.एस. ने कहा कि लाइट्स, भारत सरकार से पत्राचार आदि के मामलों में उद्योग विभाग की ओर से सराहनीय काम किया जा रहा है। नई उद्योग नीति, निवेश योजना व अन्य नवाचारी कदमों के बाद अब हमारी प्राथमिकताओं में बदलाव आया है और हमें अब इनके क्रियान्वयन पर खास ध्यान देना होगा।
बैठक में उच्च अधिकारी रहे मौजूद
बैठक में एमडी रीको आशुतोष पेडनेकर, बीडा आयुक्त नीलाभ, उप सचिव उद्योग नीतू बारुपाल, संयुक्त निदेशक उद्योग संजीव सक्सैना, बीआईपी के महाप्रबंधक नागेश, रीको, आरएफसी, सहित विभिन्न विभागो व संस्थानों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

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