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इस बार 27 मुस्लिम सांसद पहुंचे लोकसभा, बढ़ा मुस्लिमों का प्रतिनिधित्व

kamlesh sharma

Publish: May 26, 2019 07:25 AM | Updated: May 25, 2019 22:10 PM

Jaipur

लोकसभा में मुस्लिम सांसदों का प्रतिनिधित्व 2014 के मुकाबले तीन अधिक हो गया है।

पुष्पेन्द्र सिंह शेखावत/जयपुर। लोकसभा में मुस्लिम सांसदों का प्रतिनिधित्व 2014 के मुकाबले तीन अधिक हो गया है। इस बार 27 मुस्लिम सांसद निर्वाचित हुए हैं, जबकि 2014 में 24 मुस्लिम सांसद लोकसभा पहुंचे थे। हालांकि यह संख्या 1998 के 28 के मुकाबले कम है। लोकसभा में सर्वाधिक 49 मुस्लिम सांसद 1980 में पहुंचे थे।

लोकसभा चुनाव में भाजपा ने मोदी लहर के बीच प्रचंड जीत दर्ज की। उत्तर प्रदेश में भाजपा भले ही 61 सीट पर जीत गई हो, लेकिन 2014 जैसा प्रदर्शन नहीं दोहरा सकी। वहीं बसपा-सपा का महागठबंधन का जादू भी उतना नहीं चला, फिर भी यूपी से 6 मुस्लिम उम्मीदवार संसद पहुंच गए। इतनी ही संख्या में मुस्लिम सांसद पश्चिम बंगाल से चुने गए हैं। इसके अलावा देशभर से कुल 27 मुस्लिम सांसद चुने गए हैं।

यह संख्या 2014 के मुकाबले अधिक है। राजस्थान में कांग्रेस के मुस्लिम प्रत्याशी रफीक मंडेलिया चूरू में चुनाव हार गए। जबकि कांग्रेस के एक-एक मुस्लिम प्रत्याशी असम, बिहार और पंजाब में जीत सके है।

लोकसभा चुनाव में भाजपा ने मुस्लिम मतदाताओं को रिझाने का प्रयास किया और देश में छह मुस्लिम चेहरों को अपना प्रत्याशी बनाया। हालांकि इनमें से जीत एक को भी नसीब नहीं हो सकी। हालांकि भाजपा के सहयोगी दल लोकजनशक्ति पार्टी के चौधरी महबूब अली बिहार के खगारिया से चुनाव जीते हैं।

-कहां से कितने मुस्लिम सांसद
यूपी और बंगाल के अलावा जम्मू कश्मीर और केरल से 3-3 मुस्लिम सांसद चुने गए। बिहार और असम से 2-2 और पंजाब, महाराष्ट्र, तमिलनाडु, हैदराबाद और लक्षद्वीप से एक—एक मुस्लिम सांसद इस बार चुने गए हैं।

-एआइएमआइएम के दो

एआइएमआइएम के मुखिया असदउद्दीन औवेसी खुद हैदराबाद से चुनाव जीते हैं। जबकि उनकी पार्टी के इम्तियाज जलील महाराष्ट्र की औरंगाबाद से जीतने में सफल हो गए।

-यूपी में महागठबंधन का फायदा मुस्लिम प्रत्याशियों को
बसपा-सपा गठबंधन का फायदा भले ही दोनों पार्टियों को अपेक्षा के अनुसार नहीं मिला हो, लेकिन मुस्लिम प्रत्याशियों को जरूर मिल गया। यही वजह रही कि रामपुर से सपा के आजम खान, मुरादाबाद से सपा के एचटी हसन, संभल से सपा के शफीकुर्रहमान बर्क, अमरोहा से बसपा के दानिश अली, सहारनपुर से बसपा के हाजी फजलुर्रहमान और गाजीपुर से बसपा के अफजाल अंसारी सांसद चुने गए।

-टीएमसी की मुस्लिम बाहुल्य इलाकों पर पकड़

पश्चिम बंगाल में टीएमसी की सीट भले ही कम हुई हो, लेकिन मुस्लिम बाहुल्य इलाकों में उसकी पकड़ मजबूत बनी रही। बंगाल में टीएमसी के 22 सांसद चुने गए हैं। इनमें से 6 सांसद मुस्लिम हैं। इनमें नुसरत जहां रुही, खलीलुर्रहमान, अबू ताहिर खान, सजदा खान, अबूहसन खान और अपरूपा पोद्दार (आफरीन अली) शामिल हैं।

-ये मुस्लिम सांसद भी पहुंचे लोकसभा
असम में बदरुद्दीन अजमल, अब्दुल खालिक, केरल से ए.एम आरीफ, पी.के.कुन्हालीकुट्टी और ईटी मोहम्मद बशीर, लक्ष्यदीप से मोहम्मद फैजल, पंजाब से मोहम्मद सादिक, जम्मू कश्मीर से हुसैन मसूदी, मोहम्मद अकबर लोन और फारुक अब्दुल्ला, बिहार से मोहम्मद जावेद, तमिलनाडु से नवाज कानी अपनी बात लोकसभा में रखते अब नजर आएंगे।

-1980 में रहे सबसे अधिक मुस्लिम सांसद

भारतीय संसद में सबसे अधिक मुस्लिम सांसद 7वीं लोकसभा में 1980 में चुने गए थे। सातवीं लोकसभा में कुल 49 मुस्लिम संसद पहुंचे थे। वहीं आठवीं लोकसभा में कुल 45 मुस्लिम सांसद चुने गए थे।

राजस्थान से एकमात्र मुस्लिम सांसद रहे अयूब खान

राजस्थान से एकमात्र मुस्लिम सांसद कैप्टन अयूब खान रहे हैं। खान 1984 में झुंझुनूं से पहली बार सांसद चुने गए। खान 1991 में दूसरी बार सांसद बने। नरसिम्हा राव की सरकार में अयूब खान केंद्रीय कृषि राज्यमंत्री भी रहे। खान ने 1962 में चीन और 1965 पाकिस्तान के साथ लड़ाई लड़ी। 1965 में हुई लड़ाई में पाकिस्तानी टैंकों को नष्ट किया। कैप्टन अयूब खान को 1965 को वीर चक्र से सम्मानित किया था। 1 नवंबर 2016 को अयूब खान का हार्ट अटैक से निधन हो गया।

-लोकसभा में मुस्लिम सांसद

चुनाव मुस्लिम सांसद

1977 34
1980 49

1984 42
1989 27

1991 25
1996 29

1998 28
1999 31

2004 34
2009 30

2014 24
2019 27