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1000 से अधिक दुकानें, लाइसेंस 50 के पास भी नहीं

Manoj Kumar Sharma

Publish: Dec 15, 2019 00:46 AM | Updated: Dec 15, 2019 00:46 AM

Jaipur

-रिहायसी इलाकों में चल रही मीट की अवैध दुकानें, निगम चुप

-गंदगी बाहर फेंकने से लोग परेशान

जयपुर. शहर में जगह-जगह सड़क किनारे अवैध मीट की दुकानों से पहले ही लोग परेशान थे और अब धीरे-धीरे कॉलोनियों में खुलने लगी है। रिहायसी इलाकों में मीट के दुकानों खुलने से लोग परेशान हो रह हैं। शहर में 1000 से अधिक मीट की दुकानें हैं और लाइसेंस बमुश्किल 50 के पास हंै। अवैध रूप से चल रही मीट की दुकानों पर निगम कार्रवाई नहीं कर पा रहा है। यही वजह है कि शहर के पॉश इलाकों से लेकर नवविकसित इलाकों में मीट की दुकानें तेजी से खुल रही हैं।
वैशाली नगर के नेमीनगर विस्तार में चल रही मीट की दुकान से आस-पास के लोग परेशान हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि मीट की दुकान से बदबू तो रहती ही हैं, इसके साथ ही कुत्तों का आतंक भी बढ़ता जा रहा है। कुछ ऐसा ही हाल खातीपुरा बाजार, झोटवाड़ा पुलिया के नीचे, हसनपुरा, संजय नगर, प्रताप नगर में भी देखने को मिला। यहां भी अवैध रूप से मीट की दुकानें चल रही हैं।

सालाना 10 लाख रुपए का नुकसान

हर साल निगम को करीब दस लाख रुपए का आर्थिक नुकसान हो रहा है। क्योंकि सालाना निगम में मीट की दुकानों को 1000 रुपए शुल्क जमा करना होता है। नगर निगम पशु प्रबंधन शाखा के सूत्रों की माने तो पिछले छह-सात माह से तो मीट के दुकान के लाइसेंस ही नहीं दिए गए, जबकि जयपुर में कई दुकानें अवैध रूप से खुली हैं।

ये होना चाहिए
-दुकान में शीशे लगे होने चाहिए, ताकि बाहर से किसी को मीट दिखाई न दे।

-अंदर साफ सफाई का विशेष ध्यान रखना चाहिए।
-जहां पर दुकान खुली है, वहां के लोगों को कोई आपत्ति नहीं हो।

-कचरा रखने के लिए भी पर्याप्त स्थान होना चाहिए। बाहर फेंकने पर कार्रवाई के भी नियम हैं।

वर्जन...
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अभी मैंने चार्ज नहीं संभाला है, लेकिन जल्द ही अवैध रूप से चल रही मीटर की दुकानों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। इनको नियमानुसार निगम में शुल्क भी जमा करना होगा और यदि आस-पास के लोगों को दुकान से कोई आपत्ति है तो उसको बंद भी कराएंगे।
-करतार सिंह, उपायुक्त पशु प्रबंधन शाखा, नगर निगम

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