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rajasthan रिमोट सेंसिंग तकनीक से होगी ग्रामीण सड़कों की मॉनिटरिंग

Sunil Singh Sisodia

Publish: Dec 05, 2019 18:41 PM | Updated: Dec 05, 2019 18:41 PM

Jaipur

64 हजार किलोमीटर सड़कों की मॉनिटरिंग तथा मैपिंग की योजना

 

जयपुर।

विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के जोधपुर में संचालित स्टेट रिमोट सेंसिंग एप्लीकेशन सेंटर (एसआरएसएसएसी) की ओर से ग्रामीण सड़कों की मॉनिटरिंग की जाएगी। केन्द्र की ओर से मिले हाई रेजोल्यूशन सैटेलाइट इमेज से प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) के तहत सड़कों की मैपिंग की जा सकेगी।

 

 

 

 

इसको लेकर गुरुवार को सचिवालय में बुलाई गई बैठक में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग की सचिव मुग्धा सिन्हा ने बताया की भारतीय अंतरिक्ष शोध संस्थान के राष्ट्रीय रिमोट सेंसिंग सेंटर (एनआरएससी) की ओर से पीएमजीएसवाई सड़कों का जिओ स्पेशिएल डेटाबेस तैयार किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस योजना को क्रियान्वित करने के लिए केंद्र ने राज्य रिमोट सेंसिंग एप्लीकेशन केंद्रों के साथ साझेदारी की है। राज्य में यह कार्य एसआरएसईसी जोधपुर की ओर से किया जाएगा।

सिन्हा ने बताया कि इसके माध्यम से पीएमजीएसवाई के तहत राज्य में लगभग 64 हजार किलोमीटर सड़कों की मॉनिटरिंग तथा मैपिंग की जा सकेगी साथ ही आमजन इन ग्रामीण सड़कों की स्थिति भुवन पोर्टल के माध्यम से देख सकते हैं। उन्होंने बताया कि योजना के तहत तैयार किया गया डेटाबेस राज्य के विकास की योजना में लाभकारी होगा। इसका उपयोग ग्रामीण विकास विभाग, सार्वजनिक निर्माण विभाग सहित विभिन्न विभागों की ओ्र से किया जा सकेगा। उन्होंने कहा कि विभाग का उद्देश्य है कि विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के नए तकनीक एवं नवाचारों का प्रयोग करके राज्य में आधारभूत सुविधाओं को बढ़ाया जा सके।

इस अवसर पर ग्रुप निदेशक एनआरएससी टी. रविशंकर ने प्रस्तुतिकरण के जरिए से देश में संचालित रिमोट सेंसिंग तकनीक को समझाया। बैठक में हेड एलयूएण्डसी एनआरएससी मनोज राज सक्सेना तथा सूचना एवं प्रौद्योगिकी विभाग के अधिकारी मौजूद थे।

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