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मौनी अमावस्या पर चलेगा दान-पुण्य और स्नान का दौर

Devendra Singh

Publish: Jan 18, 2020 14:22 PM | Updated: Jan 18, 2020 14:22 PM

Jaipur

mauni amavasya 2020 : हिन्दू धर्म में मौनी अमावस्या का विशेष महत्व माना गया है। माघ मास की कृष्ण अमावस्या को मौनी अमावस्या के नाम से जाना जाता है। इस बार मौनी अमावस्या छोटी काशी सहित देशभर में 24 जनवरी को श्रद्धा एवं भक्ति के साथ मनाई जाएगी। इस दिन छोटी काशी में दान-पुण्य और स्नान का दौर चलेगा। इसी दिन सुबह शनि राशि परिवर्तन कर करीब तीन दशक बाद अपनी स्व राशि मकर में प्रवेश करेंगे।

जयपुर. हिन्दू धर्म में मौनी अमावस्या ( mauni amavasya ) का विशेष महत्व माना गया है। माघ मास की कृष्ण अमावस्या को मौनी अमावस्या के नाम से जाना जाता है। इस बार मौनी अमावस्या छोटी काशी सहित देशभर में 24 जनवरी को श्रद्धा एवं भक्ति के साथ मनाई जाएगी। इस दिन छोटी काशी में दान-पुण्य और स्नान का दौर चलेगा। इसी दिन सुबह शनि राशि परिवर्तन कर करीब तीन दशक बाद अपनी स्व राशि मकर में प्रवेश करेंगे। शनि स्व राशि में अधिक बलवान होंगे। शास्त्रों के अनुसार मौनी अमावस्या पर गंगा स्नान करने का सबसे अधिक महत्व है। इसके कारण लोग गंगा स्नान के लिए हरिद्वार और प्रयागराज पहुंचेंगे। वहीं जो लोग गंगा स्नान के लिए नहीं जा सकते वें तीर्थराज गलता में स्नान के लिए पहुंचेंगे। धार्मिक मान्यता के अनुसार इस दिन दान-पुण्य का विशेष महत्व होने से स्नान के बाद लोग दान कर पुण्य कमाएंगे।

मौन रहने का मिलता है विशेष फल

इस दिन मौन व्रत रखने का भी विशेष महत्व होने से लोग मौन व्रत रखते हैं। ज्योतिषाचार्य पंडित सुरेश शास्त्री के अनुसार माघ अमावस्या के दिन सूर्य व चंद्रमा गोचरवस मकर राशि में आते है। इस दिन प्रयागराज में विशाल मेला लगेगा। इसलिए है माघ अमावस्या का महत्व दान-पुण्‍य के साथ ही इस व्रत की कथा दूसरों की मदद के लिए तत्पर रहने से भी जुड़ी है। इसके चलते बड़ी संख्या में लोग गंगा स्नान करने पहुंचते है। एक बार देवत्व काल के समय में सागर मंथन से भगवान विष्णु अमृत कलश लेकर प्रकट हुए तथा इस अमृत कलश के लिए देव और असुर गण में नभ में खींचा तानी शुरू हो गई। खींचा-तानी के दौरान अमृत की कुछ बूंदें छलक कर गंगा-यमुना के संगम में आ गिरा। जिससे यह संगम अति पवित्र हो गया। माघ अमावस्‍या को वही द‍िन माना जाता है और तभी से ही इस द‍िन गंगा स्‍नान का महत्‍व भी बढ़ गया।

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