स्लो इंटरनेट स्पीड होने पर आपको पत्रिका लाइट में शिफ्ट कर दिया गया है ।
नॉर्मल साइट पर जाने के लिए क्लिक करें ।

भरी अदालत में फाड़ा जन्मभूमि का नक्शा

Vijayendra Kumar Rai

Publish: Oct 17, 2019 01:16 AM | Updated: Oct 17, 2019 01:16 AM

Jaipur

अयोध्या के विवादित ढाचा मामले में छह अगस्त से चल रही दैनिक सुनवाई बुधवार को पूरी हो गई।

40 दिन की सुनवाई के बाद प्रधान न्यायाधीश (सीजेआइ) रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली 5 सदस्यीय संविधान पीठ ने फैसला सुरक्षित कर लिया।

नई दिल्ली
अयोध्या के विवादित ढाचा मामले में छह अगस्त से चल रही दैनिक सुनवाई बुधवार को पूरी हो गई। 40 दिन की सुनवाई के बाद प्रधान न्यायाधीश (सीजेआइ) रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली 5 सदस्यीय संविधान पीठ ने फैसला सुरक्षित कर लिया। सीजेआइ 17 नवंबर को रिटायर होने वाले हैं। माना जा रहा है कि उससे पहले इस मामले में फैसला आ सकता है।
सुनवाई के 40वें और आखिरी दिन सुन्नी वक्फ बोर्ड के वकील राजीव धवन ने हिंदू महासभा के वकील विकास सिंह की तरफ से जमा एक नक्शे को फाड़ दिया। धवन का कहना था कि यह रेकॉर्ड का हिस्सा नहीं है। दोनों पक्षों के वकीलों में तीखी नोकझोंक भी हुई। इस पर सीजेआइ गोगोई ने कहा, एक ऐसा माहौल पैदा कर रहा है जो सुनवाई के अनुकूल नहीं है। हम सुनवाई ऐसे जारी नहीं रख सकते। लोग खड़े हो रहे हैं और बिना बारी के बोल रहे हैं। हम भी अभी खड़े हो सकते हैं और मामले की कार्यवाही खत्म कर सकते हैं।


अयोध्या रीविजिट किताब का नक्शा पेश किया था
हिंदू महासभा के वकील विकास सिंह ने रिटायर्ड आइपीएस किशोर कुणाल की लिखी किताब 'अयोध्या रीविजिटÓ कोर्ट में पेश करने की इजाजत मांगी। इसमें राम मंदिर के पहले के अस्तित्व के बारे में लिखा है। किताब में हंस बेकर का कोट है। चैप्टर 24 में लिखा है कि जन्मस्थान के वायु कोण में रसोई थी। जन्मस्थान के दक्षिणी भाग में कुआं था। बैकर के किताब के हिसाब से जन्मस्थान ठीक बीच में था। विकास ने उसी किताब का नक्शा कोर्ट को दिखाया। जिसे धवन ने पांच टुकड़ों में फाड़ डाला। बाद में खुद धवन ने कोर्ट में कहा कि उनकी नक्शा फाडऩे की बात वायरल हो गई है।

सीजेआइ की इजाजत से फाड़ा नक्शा : धवन
लंच के बाद की सुनवाई में धवन बोले-मैंने कहा था कि मैं इसे फाडऩा चाहता हूं। आपने (सीजेआइ) कहा आपकी मर्जी। इसपर सीजेआइ ने सहमति जताई। वह बोले-हमने कहा था कि आप फाडऩा चाहते हैं तो फाड़ सकते हैं। नक्शा फाडऩे पर लेखक कुणाल किशोर ने कहा कि धवन जानते हैं कि अगर नक्शा कोर्ट के सामने पेश होता तो उनका केस न के बराबर रह जाता।

अब तीन दिन...
पीठ ने सभी पक्षों को 3 दिन में मोल्डिंग ऑफ रिलीफ पर लिखित जवाब दाखिल करने को कहा है।
-------------------------------------------
यूपी में अलर्ट, 30 नवंबर तक अफसरों की छुट्टियां रद्द

-अयोध्या में 10 दिसंबर तक धारा 144 लागू है।
-सरकार ने पुलिस व प्रशासनिक अफसरों की छुट्टियां 30 नवंबर तक रद्द कर दी हैं।
-अफसरों को अपने मुख्यालय में बने रहने का निर्देश दिया है।
-कारण त्योहार बताया है, लेकिन माना जा रहा है कि संभावित फैसले से पहले सरकार ने यह कदम उठाया है।