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शेरनी तारा के साथ बनेगी जोधपुर से आए शेर कैलाश की जोड़ी!

HIMANSHU SHARMA

Publish: Sep 23, 2019 09:33 AM | Updated: Sep 23, 2019 09:33 AM

Jaipur

नारहगढ़ बायॉलॉजिकल पार्क से फिर से आएगी खुशखबरी

जयपुर
जयपुर में स्थित नाहरगढ़ बायॉलॉजिकल पार्क में में जाेधपुर जू से एक नर शेर लाया गया है। इस शेर का नाम कैलाश है जो जयपुर पहुंच चुका है। हालांकि जोधपुर से लाए इस शेर को लॉयन सफारी से करीब दो से तीन किलोमीटर दूर रखा गया है। बायोलॉजिकल पार्क में पहले शेरनी सुजैन की मौत और उसके बाद हुई बाघ की मौत के बावजूद भी जोधपुर से जयपुर पहुंचे कैलाश के रख रखाव में खास एहतियात बरती जा रही है। क्योकि बायोलॉजिकल पार्क में कैनाइन डिस्टेम्पर वायरस से जानवरों की मौत के मामले सामने आ चुके है। इसी के चलते वन विभाग प्रशासन ने कैलाश को अन्य लॉयन सफारी से दूर रखा है। अगर सब कुछ ठीक रहा और कैलाश यह के प्राकृतिक वातवरण में ढ़ल पाया तो जल्द ही नारहगढ़ बायॉलॉजिकल पार्क से फिर से खुशखबरी आएगी। इस शेर की जोड़ा तारा के साथ बनाया जाएगा। जिससे अब जल्द ही बायॉलॉजिकल पार्क में स्थित शेरनी तारा से ब्रीडिंग करवाई जाएगी। शेरनी तेजिका ने मई 2017 में तारा को जन्म दिया था। हालांकि इनके जन्म के करीब सवा साल बाद ही तेजिका की तो मौत हो गई थी लेकिन वह बायॉलॉजिकल पार्क में तेजस त्रिपुर और तारा नाम के अपने तीन शावक छोड़ कर गई थी। इनमें से तेजस त्रिपुर नाम के शेर नर है और तारा मादा है। अब इसी तारा के साथ कैलाश की ब्रिडिग करवाई जाएगी जिससे एक बार फिर से बायॉलॉजिकल पार्क में शेरों का कुनबा बढ़ सकेगा। अगले माह कैलाश तीन साल का हो जाएगा। 23 अक्टूबर 2016 को जोधपुर के माचिया पार्क में जन्मा कैलाश अगले माह में तीन साल की आयु पूरी कर लेगा। अब बायोलॉजिकल पार्क में 5 एशियाटिक और एक हाइब्रिड शेर है। हालांकि सुजैन की मौत के बाद से बायोलॉजिकल पार्क का शेर सिद्धार्थ अकेला हो गया है। सुजैन और सिद्धार्थ की जोड़ी से भी पार्क में शेरों का कुनबा बढ़ सकता था। लेकिन सुजैन के नहीं होने से शेर सिद्धार्थ अकेला है। वहीं नाहरगढ़ स्थित बायाेलाॅजिकल पार्क में लगातार शेरनी और बाघिन की माैत हाेने के बाद प्रशासन सतर्क हाे गया है। पार्क की मेडिकल टीम ने रविवार काे नर-मादा बाघ और शेराें की ब्लड सैम्पल लिए है और जानवरों के वैक्सीन लगाए जा रहे हैं।