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जयपुर में एक तेंदुए को लापरवाही ने कर दिया बेघर, रेस्क्यू पर उठे सवाल

Abhishek Vyas

Publish: Dec 15, 2019 00:28 AM | Updated: Dec 15, 2019 00:28 AM

Jaipur

रेस्क्यू किए गए जानवर को उसी के जंगल में छोडऩा चाहिए।

JAIPUR.

देश के पहले लेपर्ड प्रोजेक्ट में भोजन के माकुल इंतजाम नहीं होने से तेंदुए आबादी क्षेत्र में भटकने को मजबूर है। वहीं दूसरी ओर पकड़े जाने पर वन विभाग उन्हें बेघर करने पर उतर आया है। मामला यह है कि, शनिवार को लालकोठी स्थित ग्रेटर कैलाश कॉलोनी में एक घर से रेस्क्यू किए गए नर तेंदुए को वन विभाग के अफसरों ने झालाना जंगल में छोडऩे की बजाय उसे घर से 170 किलोमीटर दूर खेतड़ी बांसियाल के जंगल में छोड़ कर जिम्मेदारी पूरी कर ली। इतना ही नहीं, अफसरों की इस मनमर्जी ने तेंदुए को घर-परिवार से अलग कर दिया।

कभी चाहकर भी वापस नहीं आ सकता। वन्यजीव विशेषज्ञों का कहना है कि रेस्क्यू किए गए जानवर को उसी के जंगल में छोडऩा चाहिए। पहले भी दो बार शहर में रेस्क्यू किए गए तब तेंदुए को झालाना में ही छोड़ा था। इसबार ऐसा क्यों किया गया? जंगल व परिवार से दूर होने पर उसके स्वभाव में भी परिर्वतन आना संभव है।

जिससे उसके द्वारा दूसरों को नुकसान की संभावना भी बढ़ जाती है। विशेषज्ञों का मानना है कि जब यहां भोजन के इंतजाम नहीं थे, तब यह बाहर आया था, अब वन विभाग की ओर से खेतड़ी में उसके लिए क्या इंतजाम किए गए हंै। बता दे शहर में गुरुवार शाम में एक तेंदुआ आबादी क्षेत्र में घुस गया था। जिसे 20 घंटे बाद रेस्क्यू किया जा सका था।

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