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बैंकों से ही चेक चुराकर हेराफेरी कर निकलवा ले जाते लाखों रुपए

Dinesh Kumar Gautam

Publish: Sep 21, 2019 00:21 AM | Updated: Sep 21, 2019 00:21 AM

Jaipur

हनुमानगढ़ जिले की संगरिया पुलिस ने शनिवार को बैकों banks से चैक checks चुराकर हैराफेरी कर पैसे निकलवाने वाले अंर्तराज्यीय गिरोह interstate gang का पर्दाफाश कर 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया है

जयपुर rajasthan latest news हनुमानगढ़ जिले की संगरिया पुलिस ने शनिवार को बैकों banks से चैक checks चुराकर हैराफेरी कर पैसे निकलवाने वाले अंर्तराज्यीय गिरोह interstate gang का पर्दाफाश कर 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस अधीक्षक हनुमानगढ़ कालूराम रावत ने बताया कि शनिवार दोपहर को वरिष्ठ शाखा प्रबन्धक पीएनबी बैक संगरिया श्री अमित बीका ने आरटीजीएस के लिए आये 50 हजार रुपये के चैक बैंक से चोरी हो जाने की रिपोर्ट संगरिया थाने में दर्ज कराई थी।

एसपी रावत ने बताया कि इस पर अतिरिक्त पुलिस सैक्टर हनुमानगढ जस्साराम बोस के निर्देशन में वृताधिकारी संगरिया नरपतचन्द के प्रवेक्षण व थानाधिकारी सतवीर मीना के नेतृत्व में टीम बनाई। टीम ने शनिवार को 5 आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से चोरी हुए चैक, विभिन्न प्रकार की स्याही के पैन, गौंद, कैंची, रबर, स्केल, ब्रुश व अनेक प्रकार की आईडी फोटो प्रतियां बरामद हुई। जिनसे आरोपियों द्वारा चैकों पर हेराफेरी व कांट छांट कर प्रयोग मे लिया जाता रहा है।

गिरोह के ये सदस्य आए पकड़ में
(1) विकास गौतम पुत्र बाबुराम जाटव (30) निवासी दूनी बहादुर गंज पीएस गजरोला हाल ग्राम बरहा, राजीव कालोनी, पुलिस थाना सुनगढी जिला पीलीभीत (उत्तर प्रदेश)
(2) सुशील कुमार पुत्र सुरेन्द्र पाल जाटव (23) निवासी ऐन्टापुर थाना निगोही, शाहजहाॅपुर (उत्तर प्रदेश)
(3) पशुपति नाथ पुत्र रामकिशन जाटव (33) निवासी वार्ड नं 45 मोहला वृन्दावन इन्कलेवन पीएसी के सामने बरेली पुलिस थाना कैंट बरेली (उत्तर प्रदेश)
(4) तौफिक अहमद पुत्र फरीद अहमद (29) ग्राम बरहा, राजीव कालोनी, पुलिस थाना सुनगढी जिला पीलीभीत (उत्तर प्रदेश)
(5) नीरज पुत्र मोहनलाल जाटव (29) निवासी ग्राम बरहा, राजीव कालोनी, पुलिस थाना सुनगढी जिला पीलीभीत (उत्तर प्रदेश)

ऐसे देते थे वारदात को अंजाम

आरोपी राज्य के विभिन्न जिलो की बैक की शाखाओ मे जाकर बैक कर्मियों को बातो मे उलझाकर टेबल पर पडे चैक को चुराकर उनमे कांट झांट व हेराफेरी कर पुनः चैको को बैक मे लगाकर व मौका पर फर्जी आई/डी तैयार कर पैसा निकाल लेते है।