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अष्टमी और रोहिणी के संयोग बिना मनेगा कान्हा का जन्मोत्सव

Devendra Singh

Publish: Aug 20, 2019 11:08 AM | Updated: Aug 20, 2019 11:08 AM

Jaipur

krishna janmashtami date 2019 : इस बार कृष्ण कन्हैया के जन्मोत्सव का पर्व जन्माष्टमी स्मार्त व वैष्णव अलग-अलग दिन मनाएंगे। इस कारण छोटी काशी में कृष्ण जन्मोत्सव ( krishna janmotsav ) का उल्लास दो दिन तक छाया रहेगा। स्मार्त जहां 23 अगस्त को कृष्ण जन्मोत्सव मनाएंगे तो वहीं वैष्णव 24 अगस्त को इस पर्व को मनाएंगे, लेकिन दोनों ही दिन अष्टमी और रोहिणी नक्षत्र का संयोग एक साथ नहीं रहेगा।

जयपुर। इस बार कृष्ण कन्हैया के जन्मोत्सव का पर्व जन्माष्टमी ( krishna janmashtami ) स्मार्त व वैष्णव अलग-अलग दिन मनाएंगे। इस कारण छोटी काशी में कृष्ण जन्मोत्सव का उल्लास दो दिन तक छाया रहेगा। स्मार्त जहां 23 अगस्त को कृष्ण जन्मोत्सव ( krishna janmotsav ) मनाएंगे तो वहीं वैष्णव 24 अगस्त को इस पर्व को मनाएंगे, लेकिन दोनों ही दिन अष्टमी और रोहिणी नक्षत्र का संयोग एक साथ नहीं रहेगा। 23 अगस्त को भगवान कृष्ण के जन्म के समय अष्टमी तिथि, वृष लग्न रहेगा। इस दिन मध्यरात्रि में अष्टमी तो रहेगी, लेकिन रोहिणी नक्षत्र ( rohini nakshatra ) का संयोग नहीं रहेगा। वहीं 24 अगस्त को मध्यरात्रि में रोहिणी नक्षत्र व वृष लग्न तो रहेगा, लेकिन उस समय अष्टमी का संयोग नहीं रहेगा, क्योंकि सुबह 8 बजकर 32 मिनट बाद नवमी तिथि आरंभ हो जाएगी। छोटी काशी जयपुर के अराध्य गोविंद देवजी मंदिर ( govind dev ji mandir ) सहित राजधानी के सभी मंदिरों में 24 अगस्त को कृष्ण जन्मोत्सव व 25 को नंदोत्सव ( nandotsav ) मनाया जाएगा। जन्मोत्सव को लेकर मंदिरों में तैयारियां जोर-शोर के साथ चल रही हैं।


इस कारण मनाते हैं अलग-अलग
पंडित सुरेश शास्त्री के मुताबिक शास्त्रों के आधार पर भगवान कृष्ण का जन्म भाद्रपद कृष्ण पक्ष की अष्टमी के दिन मध्यरात्रि में रोहिणी नक्षत्र व वृष लग्न में हुआ था। स्मार्त चंद्रोदय व्यापनी रोहिणी नक्षत्र में जन्माष्टमी मनाते हैं। वहीं वैष्णव उदियात तिथि को मानते हैं। इसलिए वैष्णव 24 अगस्त को उदियात में अष्टमी व रोहिणी नक्षत्र पडऩे से इस दिन कृष्ण जन्मोत्सव मनाएंगे। इस बार अष्टमी तिथि 23 अगस्त को सुबह सुबह 8 बजकर 9 मिनट पर आरंभ हो जाएगी जो अगले दिन 24 अगस्त सुबह 8 बजकर 32 मिनट तक रहेगी। 24 अगस्त को शनिवार को रोहिणी सुबह 6 बजकर 6 मिनट से तड़के 4 बजकर 15 मिनट तक रहेगी, लेकिन मध्य रात्रि में रोहिणी के साथ अष्टमी तिथि का संयोग नहीं रहेगा।

बन रहा है सर्वार्थ सिद्धि योग
पं. रवि शर्मा के अनुसार 24 अगस्त को जन्माष्टमी पर कई विशेष योग बन रहे हैं। इस दिन अष्टमी व रोहिणी नक्षत्र दोनों ही उदियात में पड़ रहे हैं। अष्टमी और शनिवार का संयोग आने से इस दिन सूर्योदय से ही अमृतसिद्धि व सर्वार्थ सिद्धि योग योग बन रहा है। जो कृष्ण भक्तों के लिए सुख-समृद्धि दायक रहेगा।


होगी विशेष आराधना
कृष्ण जन्मोत्सव के दिन मंदिरों सहित घर-घर भगवान के झूले सजेंगे और विशेष आराधना होगी। मंदिरों में मोहक झांकी के साथ ही भगवान के दर्शन होंगे। देश भर के विभिन्न मंदिरों में मध्य रात्रि भगवान का जन्मोत्सव मनाया जाएगा। शहर के कई मंदिरों में दही-हांडी की प्रतियोगिता होगी। गीत-संगीत के साथ ही बाल-गोपालों की धूम रहेगी।