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अपहरण के बाद मामूम से जंगल में दुष्कर्म, आरोपित गिरफ्तार

vishal pareek

Publish: Apr 04, 2016 09:01 AM | Updated: Apr 04, 2016 09:01 AM

Jaipur


शहर के लोढ़पुरा मोहल्ले से एक जना पड़ोस में रहने वाली चार वर्षीय मामूम बालिका का अपहरण कर ले गया। इसके बाद वह उसे अलवर जिले के ढिगावड़ा गांव के जंगलों में ले गया और दुष्कर्म कर छोड़ आया।

परिजनों की सूचना पर देर रात कोतवाली थाना पुलिस ने आरोपित को उसके घर से गिरफ्तार किया तथा बालिका को ढिगावड़ा के जंगल से बरामद किया। पुलिस ने रविवार सुबह जिला चिकित्सालय में उसका मेडिकल कराया। इसमें दुष्कर्म की पुष्टि हो गई।

मामले में पीडि़ता बालिका की मां ने आरोपित के खिलाफ महिला थाने में अपहरण कर दुष्कर्म का मामला दर्ज कराया है। एएसपी प्रकाश कुमार शर्मा व सीओ राजेन्द्र त्यागी ने भी कोतवाली थाने में आरोपित से गहन पूछताछ की। एएसपी ने बताया कि गिरफ्तार आरोपित गिर्राज महावर है।

वह पीडि़ता के घर से कुछ ही दूर दूसरे मकान में किराए से रहता था तथा आइसक्रीम का ठेला लगाता है। आरोपित को सोमवार को न्यायालय में पेश किया जाएगा। उन्होंने बताया कि बालिका व आरोपित की डीएनए जांच के लिए जयपुर भेजा गया है।

पड़ोसी महिला ने ले जाते देखा
एएसपी ने बताया कि शनिवार शाम को बालिका घर के बाहर खेल रही थी। आरोपित उसे घर के बाहर से गोद में उठाकर ले जाने लगा। इस दौरान पड़ोसी महिला ने बालिका को ले जाने का कारण पूछा तो उसने टॉफी दिलाने ले जाने की बात कही।

देर शाम तक बालिका के घर नहीं पहुंचने पर परिजनों ने उसे ढूंढना शुरू कर दिया, लेकिन वह नहीं मिली। इस दौरान पड़ोसी महिला ने परिजनों को जानकारी दी। इसी के आधार पर पुलिस को आरोपित को पकडऩे में सफलता मिली।
 
घर में दबोचा

बालिका के आरोपित के पास होने की जानकारी मिलने पर परिजनों ने उप सभापति वीरेन्द्र शर्मा के साथ कोतवाली थाने पहुंचकर मामले की जानकारी दी। कोतवाल देवेन्द्र प्रतापसिंह ने आरोपित के घर पहुंचकर उसकी मां व भाई से पूछताछ की।

इस पर मां ने आरोपित को फोन किया तो उसने बस स्टैण्ड पर होने की जानकारी दी। इसके बाद कोतवाल ने दो पुलिसकर्मियों को सादा वर्दी में आरोपित के घर ही छोड़ दिया। रात करीब 12 बजे आरोपित के घर पहुंचते ही पुलिस ने उसे दबोच लिया।

पूछताछ में उसने बालिका के राजगढ़ क्षेत्र में किसी दोस्त के कमरे पर होने की जानकारी दी। पुलिस उसे लेकर राजगढ़ पहुंची तो वहां कोई नहीं मिला। इस पर पुलिस ने फिर से आरोपित से सख्ती से पूछताछ की तो उसे बालिका के ढिगावड़ा के जंगलों में होना बताया।

पुलिस उसे लेकर जंगलों में पहुंची तो वहां बालिका नहीं मिली। इस पर पुलिस के हाथ-पांव फूल गए। आरोपित ने बताया कि वह बालिका को जंगल में ही छोड़कर गया था।

इस पर पुलिस मौके पर मिले पद चिह्नों का पीछा करते हुए करीब दो किलोमीटर दूर स्थित एक घर में पहुंची तो वहां बालिका मिल गई।

पुलिस को घरवालों ने बताया कि रात को बालिका जंगल में रो रही थी तो वो उसे घर ले आए। बालिका के कपड़ों में खून लगा होने पर पुलिस को दुष्कर्म होने की आशंका हुई। इस पर पुलिस ने जिला चिकित्सालय में बालिका का मेडिकल कराया। इसमें उसके साथ दुष्कर्म होने की पुष्टि हो गई।