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चीन का नया फरमान, पत्रकार पास करें शी जिनपिंग पर टेस्ट

Shalini Agarwal

Publish: Sep 21, 2019 09:44 AM | Updated: Sep 21, 2019 09:44 AM

Jaipur

चीन में पत्रकारों के परिचय पत्र तब तक रीन्यू नहीं होंगे, जब तक कि वे राष्ट्रपति की समाजवाद पर सीख और प्रचार-प्रसार संबंधी परीक्षा पास नहीं करेंगे

अगर आपको लगता है कि कुछ देश में इन दिनों अभिव्यक्ति की आजादी नहीं है, पत्रकारों की आवाज दबाई जा रही है तो ऐसे में जरा चीन का नया फरमान भी जान लें। चीन के पत्रकारों के लिए चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के विचारों और उनके द्वारा व्यक्त समाजवादी सीखों पर आधारित एक टेस्ट पास करना अनिवार्य होने वाला है। इसमें पत्रकारों में राष्ट्रपति के विचारों की समझ परखी जाएगी और तो और, जो पत्रकार यह टेस्ट पास करने में नाकाम रहेंगे, उनके न तो परिचय पत्र रीन्यू किए जाएंगे और न ही उन्हें पत्रकारों को मिलने वाली अन्य सुविधाएं मुहैया कराई जाएंगी। चीन के मीडिया नियामकों की ओर से बीजिंग की एक दर्जन से ज्यादा समाचार संगठनों को इस बारे में नोटिस भेजा गया है। जिसमें उन्हें ताकीद की गई है कि वे ‘स्टडी शी’ नाम के सरकारी प्रचार-प्रसार एप को रजिस्टर करके उस पर एक परीक्षा दें। यह एप इस साल की शुरुआत में लॉन्च किया गया था। परीक्षा पास करने के बाद ही उनके परिचय पत्र रीन्यू किए जाएंगे। माना जा रहा है कि बीजिंग से शुरुआत के बाद जल्द ही चीन के सभी पत्रकारों के लिए यह परीक्षा पास करना अनिवार्य कर दिया जाएगा। अक्टूबर की शुरुआत में होने वाली इस परीक्षा को पांच भागों में बांटा गया है, जिसमें से दो शी जिंनपिंग की नए जमाने के लिए समाजवाद पर शिक्षाओं और प्रचार-प्रसार को लेकर जिंगपिंग के विचारों पर होंगी। गौरतलब है कि चीन मीडिया वैसे ही सरकार के ढेरों प्रतिबंध झेल रहा है। रिपोटर्स विदाउट बॉर्डर की की हाल में आई एक रिपोर्ट के अनुसार प्रेस को स्वतंत्रता देने के मामले में चीन का स्थान 180 देशों में से 177वां है। चीनी मीडिया पर सेंसरशिप और पत्रकारों को जेल वहां आम बात है, स्वतंत्र पत्रकारों को तो बहुत सारे दबाव झेलने पड़ते हैं। परिचय पत्र पाने के लिए इससे पहले पत्रकारों को ‘माक्र्सवादी पत्रकारीय सोच’ पर समझ संबधी परीक्षा देनी पड़ती थी। चीनी प्रशासन ने मीडिया और इंटरनेट पर वैसे ही ढेरों प्रतिबंध थोप रखे हैं। वहां समाचार वेबसाइट्स सहित विदेशी वेबसाइट्स तक पहुंच काफी सीमित है।