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जन्मेंगे कृष्ण कन्हैया, 21 तोपों की सलामी के साथ होगा जन्माभिषेक

Girraj Prasad Sharma

Publish: Aug 22, 2019 18:36 PM | Updated: Aug 22, 2019 18:36 PM

Jaipur

शहर (jaipur) में शनिवार को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी (shri krishna janmashtmi) महोत्सव मनाया जाएगा। शहर के मंदिरों के साथ घर-घर जन्माष्टमी महोत्सव का उल्लास छाएगा। मुख्य आयोजन शहर के आराध्य गोविंददेवजी मंदिर (govind devji mandir ) में होगा। तडक़े 3 बजकर 45 मिनट पर मंगला झांकी के दर्शन खुलेंगे। इसके बाद ठाकुरजी का पंचामृत अभिषेक कर पीले रंग की नवीन पोशाक धारण करवाई जाएगी। इसके साथ ही विशेष अलंकरण धारण करवाकर फूलों से आकर्षक शृंगार किया जाएगा। मध्यरात्रि 12 बजे 21 तोपों की सलामी व आतिशबाजी के बीच श्रीगोविंद अभिषेक के दर्शन खुलेंगे।

जन्मेंगे कृष्ण कन्हैया, 21 तोपों की सलामी के साथ होगा जन्माभिषेक
- जन्माष्टमी का उल्लास शनिवार को

जयपुर। शहर (jaipur) में शनिवार को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी (shri krishna janmashtmi) महोत्सव मनाया जाएगा। शहर के मंदिरों के साथ घर-घर जन्माष्टमी महोत्सव का उल्लास छाएगा। मुख्य आयोजन शहर के आराध्य गोविंददेवजी मंदिर (govind devji mandir) में होगा। तडक़े 3 बजकर 45 मिनट पर मंगला झांकी के दर्शन खुलेंगे। इसके बाद ठाकुरजी का पंचामृत अभिषेक कर पीले रंग की नवीन पोशाक धारण करवाई जाएगी। इसके साथ ही विशेष अलंकरण धारण करवाकर फूलों से आकर्षक शृंगार किया जाएगा। मध्यरात्रि 12 बजे 21 तोपों की सलामी व आतिशबाजी के बीच श्रीगोविंद अभिषेक के दर्शन खुलेंगे।

गोविंददेवजी मंदिर महंत अंजन कुमार गोस्वामी ने बताया कि गोविंद मिश्र रात 10 से 11 बजे तक श्रीकृष्ण जन्माष्टमी व्रत की कथा करेंगे। मध्यरात्रि 12 बजे श्रीगोविंद अभिषेक के दर्शन खुलेंगे। इस दौरान 21 तोपों की सलामी सलामी व आतिशबाजी की जाएगी। इस बीच 6 पंडित वेद पाठ करेंगे। सालिगरामजी पूजन व पंच द्रव्यों के पूजन के बाद ठाकुरजी श्रीजी का पंचामृत अभिषेक होगा। 425 लीटर दूध, 365 लीटर दही, 11 किलो घी, 85 किलो बूरा, 11 किलो शहद से तैयार पंचामृत से अभिषेक किया जाएगा। अभिषेक के दौरान ठाकुरजी को पंजीरी लड्डू, खीरसा व रबड़ी का विशेष भोग लगाया जाएगा। अभिषेक के बाद भक्तो को नि:शुल्क पंचामृत व पंजीरी वितरण किया जाएगा, इसके लिए जयनिवास उद्यान में प्रसादी मंच तैयार किया गया है।
2000 कार्यकर्ता करेंगे मदद
जन्माष्टमी पर पुलिसकर्मियों के साथ करीब 2000 कार्यकर्ता सुरक्षा व्यवस्था की जिम्मेदारी संभालेंगे। इनमें करीब 200 स्काउड गाइड भी शामिल होंगे। ये कार्यकर्ता गोविंददेवजी के दर्शनों के लिए आने वाले लोगों की कदम-कदम पर मदद करेंगे। वहीं सुरक्षा व्यवस्था भी बनाए रखेंगे। पुलिस प्रशासन की ओर से सुरक्षा के लिए 8-10 मेटल डिटेक्टर लगाए जाएंगे। इनसे होकर ही दर्शनार्थी मंदिर में प्रवेश कर सकेंगे।

गोविंददेवजी के ये पहनकर ही आएं
जन्माष्टमी पर शहर के आराध्य गोविंददेवजी मंदिर में दर्शनों के लिए आने वाले श्रद्धालुओं से मंदिर प्रबंधनों ने सिर्फ भारतीय परिधान पहनकर आने का आग्रह किया है। वहीं जूते-चप्पल जूता घर में खोलकर आएं। वहीं प्रसाद व फल के साथ सुरक्षा के लिए अपनी कीमती सामान आदि नहीं लाएं।

जन्माष्टमी पर गोविंददेवजी के झांकियों का समय
झांंकी - समय
मंगला आरती - तडक़े 3.45 से 4.30 बजे तक
धूप आरती - सुबह 7.30 से 9.30 बजे तक
शृंगार आरती - सुबह 9.45 से 11.30 बजे तक
राजभोग आरती - सुबह 11.45 से दोपहर 1.30 बजे तक
ग्वाल आरती - शाम 4 से 6.30 बजे तक
संध्या आरती - शाम 6.45 से रात 8.30 बजे तक
शयन आरती - रात 9.15 से 10.30 बजे तक
मंगला आरती - रात 11 से 11.15 बजे तक (25 अगस्त की सुबह वाली)
तिथि पूजा व अभिषेक - मध्यरात्रि 12 से एक बजे तक