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इंफोसिस के निवेशकों को भारी नुकसान, चंद घंटों में डूब गए 52 हजार करोड़

Anoop Singh

Publish: Oct 23, 2019 01:53 AM | Updated: Oct 23, 2019 01:53 AM

Jaipur

16 फीसदी लुढ़के शेयर: प्रबंधन पर आरोपों का असर

मुंबई. देश की दिग्गज आइटी कंपनी इंफोसिस के मैनेजमेंट पर गंभीर आरोपों के बाद शेयर बाजार में मंगलवार को कंपनी के शेयर 16 फीसदी से अधिक लुढ़क गए। बाजार में इंफोसिस की इस हालत का सबसे बड़ा नुकसान निवेशकों को हुआ है। शुरुआती घंटे में ही निवेशकों को 52 हजार करोड़ रुपये का नुकसान हो गया। शुक्रवार को इंफोसिस का शेयर 767.75 रुपए के भाव पर बंद हुआ था। इस दिन कंपनी का बाजार पूंजीकरण करीब 3,30,073 करोड़ रुपए था। वहीं, मंगलवार को शेयर में 16.65 फीसदी की गिरावट आई और यह गिरकर 640 रुपए के भाव पर पहुंच गया। इस भाव पर आते ही कंपनी का मार्केट कैप भी कम होकर 277450 करोड़ रुपए के करीब रह गया। इस लिहाज से निवेशकों को 52 हजार करोड़ से अधिक का नुकसान हुआ है। कंपनी के कुछ व्हिस्लब्लोअर ने आरोप लगाया है कि इन्फोसिस अपनी आय और मुनाफे को बढ़ा-चढ़ाकर पेश करने के लिए अपनी बैलेंसशीट में हेरफेर कर रही है।
चेयरमैन नीलेकणि ने कहा, स्वतंत्र जांच कराई जाएगी
इंफोसिस के चेयरमैन नंदन नीलेकणि ने मंगलवार को कहा कि कंपनी की ऑडिट समिति सीईओ सलिल पारेख और सीएफओ निलांजन रॉय के खिलाफ व्हिसल ब्लोअर समूह द्वारा लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र जांच करेगी। खुद को 'नैतिक कर्मीÓ बताने वाले कंपनी के एक व्हिसल ब्लोअर समूह ने पारेख और रॉय के खिलाफ लघु अवधि में आय और लाभ बढ़ाने के लिए 'अनैतिक कामकाजÓ में लिप्त होने का आरोप लगाया है।
स्वतंत्र फर्म को जांच का जिमा
शेयर बाजार को दी सूचना में नंदन नीलेकणि ने कहा कि समिति ने स्वतंत्र आंतरिक ऑडिटर इकाई और कानूनी फर्म शारदुल अमरचंद मंगलदास एंड कंपनी से स्वतंत्र जांच के लिए परामर्श शुरू कर दिया है।