स्लो इंटरनेट स्पीड होने पर आपको पत्रिका लाइट में शिफ्ट कर दिया गया है ।
नॉर्मल साइट पर जाने के लिए क्लिक करें ।

जेडीए की कार्रवाई के बाद भी यहां नहीं रूक रहा अवैध निर्माण, बोर्ड लग रहे और इमारतें खड़ी होती गईं

Dinesh Saini

Publish: Nov 19, 2019 14:13 PM | Updated: Nov 19, 2019 14:13 PM

Jaipur

जयपुर शहर में अवैध निर्माण ( Illegal Construction ) तेजी से बढ़ रहे हैं। जेडीए ( JDA ) की प्रवर्तन शाखा कार्रवाई तो कर रही है, लेकिन यह नाकाफी साबित हो रही है। शहर का स्वरूप बिगाडऩे में तीन मंजिला मल्टी सबसे आगे हैं...

जयपुर। जयपुर शहर में अवैध निर्माण ( illegal construction ) तेजी से बढ़ रहे हैं। जेडीए ( JDA ) की प्रवर्तन शाखा कार्रवाई तो कर रही है, लेकिन यह नाकाफी साबित हो रही है। शहर का स्वरूप बिगाडऩे में तीन मंजिला मल्टी सबसे आगे हैं। इस समय में शहर में अवैध रूप से 1500 से अधिक तीन मंजिला मल्टी बन रहे हैं। जेडीए इनमें से महज 200 निर्माणों को चिह्नित कर पाया है और कार्रवाई महज 20 फीसदी पर ही हो पाई है। दो तीन महीने पहले जेडीए की प्रवर्तन शाखा ने सख्ती दिखाई थी और कई तीन मंजिला फ्लैट के निर्माण बंद कर सील लगा दी थी, लेकिन इनमें से कई स्थानों पर निर्माण कार्य फिर से चालू हो गया है। महावीर नगर, मालवीय नगर के अलावा पृथ्वीराज नगर की कॉलोनियों में ऐसी क ई इमारते हैं, जो कार्रवाई के बाद फिर शुरू हो गई।

बोर्ड लग रहे और इमारतें खड़ी होती गईं
अवैध निर्माणकर्ताओं को कई विकास समितियों के लोगों ने रोकने की कोशिश की, लेकिन जेडीए प्रवर्तन शाखा और बिल्डर-निर्माणकर्ताओं का गठजोड़ ऐसा था कि किसी की नहीं चली। मौजूदा समय में 30 फुट की कई सडक़ों पर दोनों ओर तीन-चार मंजिला फ्लैट्स बने हुए हैं। पृथ्वीराज नगर की कॉलोनियों में सबसे बुरा हाल है। इसके अलावा जगतपुरा, सांगानेर, मुहाना मंडी और आगरा रोड पर भी अवैध तरीके से तीन-चार मंजिला इमारतों का निर्माण हो रहा है।


सितम्बर में प्रवर्तन शाखा से सख्ती दिखाई और कई तीन मंजिला फ्लैट्स सीज किए, लेकिन इसके बाद जेडीए ने कार्रवाई धीमी कर दी। इधर, बिल्डर और निर्माणकर्ताओं ने जो वादे जेडीए से किए थे, उनमें से एक को भी पूरा नहीं किया। अब तक न तो जेडीए को अवैध निर्माण की सूची दी गई और न ही गलत बनाए गए निर्माणों को तोड़ा गया। जेडीए ने भी अवैध निर्माणों की सूची अपनी वेबसाइट पर अपलोड करने की बात कही थी, लेकिन दो महीने से अधिक का समय होने के बाद भी जेडीए ने सूची नहीं ली।

इस मामले में यहां सामने आए केस
महावीर नगर में दो माह में पहले जिस निर्माण को पहले जेडीए की प्रवर्तन शाखा ने अवैध मानते हुए ढहा दिया था। उस स्थान को भरने का काम शुरू हो गया है। बांस बल्ली लगाकर नजर बचाकर निर्माण शुरू कर दिया है।

वहीं मालवीय नगर के सिद्धार्थ नगर में शून्य सैटबैक पर निर्माण हो रहा है। स्थानीय लोग लगातार जेडीए में शिकायत कर रहे हैं। प्रवर्तन शाखा ने काम तो रुकवा दिया, लेकिन फिर से काम तेजी से शुरू हो गया।

[MORE_ADVERTISE1]