स्लो इंटरनेट स्पीड होने पर आपको पत्रिका लाइट में शिफ्ट कर दिया गया है ।
नॉर्मल साइट पर जाने के लिए क्लिक करें ।

अगर आप भी खरीद रहे है घर,तो जरा संभल जाओं,क्योकी आपके साथ भी हो सकता है धोखा

Kartik Sharma

Publish: Sep 23, 2019 12:09 PM | Updated: Sep 23, 2019 12:09 PM

Jaipur

(Navratri)नवरात्रा या (Deepawali) दिवाली पर अगर आप घर खरीदने की सौच रहे है तो हो जाओं सावधान कही आपके साथ कोई धोखा तो नहीं कर रहा. आपको बता दे (jaipur) शहर में 1000 से अधिक तीन और चार मंजिला मल्टी के निर्माण हो रहे हैं, लेकिन इनमें से एक का भी नक्शा जेडीए से स्वीकृत नहीं हैं.ऐसे में अब (JDA)जेडीए जिन निर्माणाधीन इमारतों को तोड़ रहा है, वह नियमों के विपरीत हैं. इन इमारतों में सैट बैक से लेकर पार्किंग तक में नियमों को उल्लंघन हो रहा है.

 

आगर आप घर खरीद रहे है तो कई बाते आपके लिए जानना जरूरी है ताकि आपके साथ कोई धोखा ना हो.

ग्राहक ये जरूर जान ले

1-बिल्डिंग अनुमति- जिस तीन या चार मंजिला इमारत में फ्लैट लेने की सोच रहे हैं उसकी बिल्डिंग का नक्शा बिल्डर निर्माणाकर्ता ने जेडीए से पास कराया है या नहीं.

2-नियमों का उल्लंघन- पूरी इमारत का निर्माण शून्य सैट बैक पर हो जाता है.ऊंचाई में भी ज्यादा होता है. पार्किंग में भी उल्लंघन होता है. कुछेक निर्माण कर्ता तो पेंट हाउस तक भी बना देते हैं.

3-निर्माण में भी लापरवाही-कमरों के साइज तय नहीं होते। वेंटिलेशन के भी इंतजाम नहीं होतेनिर्माण के बाद मेंटिनेंस की गारंटी नहीं होत. इस वजह से कुछ सालों बाद इमारत जर्जर होने लगती है।

4-फायर सेटी की स्थिति-शहर में एक भूखंड पर छह यूनिट से लेकर 12 यूनिट तक का निर्माण किया जा रहा है. इसके बाद भी फायर सेˆटी के कोई इंतजाम नहीं होते हैं. अगर जेडीए के नियमों की बात करें ते

ये हैं नियम
ˆफ्लैट के लिए 12 मीटरऔर भूखंड का क्षेत्रफल 1000 वर्ग मीटर हो.
12 मीटर से कम चौड़ी सड़क पर स्वतंत्र आवास बन सकेंगे. 1000
वर्ग मीटर और अधिक या 5000 वर्ग मीटर तक आवासीय भूखंड पर
तीन से अधिक आवासीय इकाइयां पर ˆलैट का भूखंड माना जाएगा.

दोस्तो अंत में हमारी अपील है धोखेबाजों के चक्कर में ना आए अपनी मेहनत के पैसों से ले रहे मकान को देखपरखर ले.