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हाईकोर्ट ने मांगी एसिड अटैक पीडितों की कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी

Mukesh Sharma

Publish: Jan 24, 2020 20:27 PM | Updated: Jan 24, 2020 20:27 PM

Jaipur

(Rajasthan Highcourt ) राजस्थान हाईकोर्ट ने मुख्य सचिव, प्रमुख कार्मिक सचिव, प्रमुख गृह सचिव, प्रमुख सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता सचिव और प्रमुख स्वास्थ्य सचिव से राज्य में (Acid Attack victims) एसिड अटैक पीडि़तों के (Welfare) कल्याण की योजनाओं की जानकारी पेश करने को कहा है।

जयपुर
(Rajasthan Highcourt ) राजस्थान हाईकोर्ट ने मुख्य सचिव, प्रमुख कार्मिक सचिव, प्रमुख गृह सचिव, प्रमुख सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता सचिव और प्रमुख स्वास्थ्य सचिव से राज्य में (Acid Attack victims) एसिड अटैक पीडि़तों के (Welfare) कल्याण की योजनाओं की जानकारी पेश करने को कहा है। न्यायाधीश सबीना और न्यायाधीश नरेन्द्र सिंह ने यह अंतरिम निर्देश एडवोकेट शालिनी श्योराण की जनहित याचिका पर दिए।
याचिका में कहा है कि एनसीआरबी के आंकडों के अनुसार वर्ष 2018 में एसिड अटैक की 228 घटनाएं हुई हैं। खुले बाजार में एसिड बिना किसी रोकटोक और पहचान उजागर किए बिना आसानी से मिल रहा है। एसिड बेचने वाला न तो खरीदार का रिकॉर्ड रखता है और ना ही एसिड खरीद का कारण पूछता है। दूसरी और विष अधिनियम-1919 के संबंधित नियम नहीं बनाने के कारण अधिनियम के प्रावधान लागू नहीं हो रहे हैं। सुप्रीम कोर्ट तय कर चुका है कि हर निजी अस्पताल में एसिड अटैक का फ्री इलाज होना चाहिए। जबकि अस्पतालों में अलग से एसिड अटैक पीडितों के लिए वार्ड तक नहीं हैं और उन्हें अन्य मरीजों के साथ बर्न वार्ड में रखा जाता है। याचिका में एसिड अटैक पीडि़तों केलिए पुनर्वास योजना बनाने,सरकारी नौकरियों में आरक्षण देने और क्षतिपूर्ति राशि तीन से बढ़ाकर दस लाख रुपए करने के निर्देश देने की भी गुहार की है।

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