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जेडीए और नगर निगम कोचिंग इंस्टीट्यूट में फायर सेफ्टी नियमों की पालना पर दें शपथ पत्र:हाईकोर्ट

Mukesh Sharma

Publish: Nov 13, 2019 21:37 PM | Updated: Nov 13, 2019 21:37 PM

Jaipur

Rajasthan Highcourt राजस्थान हाईकोर्ट ने (JDA) जेडीए, (JNN)जयपुर नगर निगम और (CFO) चीफ फायर ऑफिसर से जयपुर की सभी जोन में फायर सेफ्टी संसाधनों (Fire saftey equipments) के बिना और बिल्डिंग नियमों का उल्लंघन कर चल रहे (Coaching Institutes) कोचिंग इंस्टीट्यूट पर शपथ-पत्र देने को कहा है।

जयपुर

मुख्य न्यायाधीश इन्द्रजीत महांति और न्यायाधीश महेन्द्र गोयल ने यह अंतरिम आदेश जवाब दो सरकार की जनहित याचिका पर दिए। याचिका में कहा है कि जयपुर में चल रहे अधिकांश कोचिंग इंस्टीट्यूट बिल्डिंग बॉयलॉज के विपरीत चल रहे हैं। इनमें फायर सेफ्टी के कोई इंतजाम नहीं हैं। जबकि नियमों के अनुसार १५ मीटर से ऊंची इमारत में फायर सेफ्टी एनओसी जरूरी हैं। इस कारण इन संस्थानों में पढऩे वाले लाखों छात्रों की जान को खतरा बना हुआ है।

सूरत की घटना का उदाहरण

इसी प्रकार से चल रहे सूरत के कोचिंग इंस्टीट्यूट में आग लगने के कारण २३ छात्रों की मौत हो गई थी। इंस्टीट्यूट में आपातकालीन निकास की व्यवस्था नहीं हैं। कई कोचिंग इंस्टीट्यूट बेसमेंट में चल रहे हैं। गोपालपुरा बाइपास, मानसरोवर, विद्याद्यर नगर और वैशाली नगर सहित अन्य आवासीय इलाकों में अधिकांश इंस्टीट्यूट संचालित हो रहे हैं।

संस्थानों ने माना, नहीं हैं इंतजाम

एडवोकेट आदित्य जैन ने बताया कि बुधवार को सुनवाई के दौरान अदालत में कोचिंग इंस्टीट्यूट की ओर से पेश चैक लिस्ट के अनुसार उन्होंने स्वयं माना है कि उनके पास ना फायर सेफ्टी के इंतजाम हैं और ना ही वह बिल्डिंग बॉयलॉज का पालना कर रहे हैं। इस पर अदालत ने लाखों छात्रों की जान के लिए खतरा बने एेसे कोचिंग इंस्टीट्यूट को सील नहीं करने पर नाराजगी जताई है और जेडीए व नगर निगम सहित चीफ फायर ऑफिसर को दो सप्ताह में जयपुर की सभी जोन के संबंध में शपथ-पत्र और रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए हैं।

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