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पाकिस्तान में टिड्डी की दूसरी ब्रीडिंग, हॉपर्स भारतीय आकाश में मंडराने लगे

Jagmendra Prasad Rai

Publish: Oct 14, 2019 02:00 AM | Updated: Oct 14, 2019 02:00 AM

Jaipur

तापमान कम होने और रात को ओस के कारण टिड्डी दल ऊंचे पेड़ों पर बैठने लगे हैं। जोधपुर स्थित टिड्डी चेतावनी संगठन (एलडब्ल्यूओ) के पास अधिकांश मशीनें अलवामास टाइप की हैं जो ग्राउण्ड पर पेस्टिसाइड स्प्रे करती है। वर्तमान में बीकानेर के रणजीतपुरा, बज्जू, खाजू बाड़मेर के गडरा रोड, म्याजलान और जैसलमेर के कुछ हिस्सों में एलडब्ल्यूओ की 45 टीमें लगातार टिड्डी मारने के लिए स्पे्र कर रही हैं।

- तापमान लुढ़कने से पेड़ों पर बैठने लगे टिड्डी दल

- भारत की पाकिस्तान के साथ बैठक गुरुवार को

जोधपुर. पाकिस्तान के थार व चोलिस्तान मरुस्थल में टिड्डी की दूसरी ब्रीडिंग के बाद निकले नए हॉपर्स राजस्थान के पश्चिमी हिस्से में मंडरा रहे हैं।

संयुक्त राष्ट्र के कृषि और खाद्य संगठन के 3 अक्टूबर को जारी बुलेटिन में भारत-पाकिस्तान के पश्चिमी बॉर्डर पर टिड्डी की स्थिति अलार्मिंग बताई है। लेकिन पाकिस्तान टिड्डी पर नियंत्रण नहीं कर पा रहा और भारत को पसीना बहाना पड़ रहा है। भारत व पाकिस्तान के टिड्डी नियंत्रण अधिकारियों की मासिक बैठक 17 अक्टूबर को मुनाबाव में होगी। पाकिस्तान के पास टिड्डी मारने का पेस्टिसाइड खत्म हो चुका है। वह चीन से और पेस्टिसाइड मंगवा रहा है। बैठक में भारत की ओर से पाकिस्तान को पेस्टिसाइड देने की पेशकश की जा सकती है।

धीमी हवा ने बढ़ाई मुश्किलें
तापमान कम होने और रात को ओस के कारण टिड्डी दल ऊंचे पेड़ों पर बैठने लगे हैं। जोधपुर स्थित टिड्डी चेतावनी संगठन (एलडब्ल्यूओ) के पास अधिकांश मशीनें अलवामास टाइप की हैं जो ग्राउण्ड पर पेस्टिसाइड स्प्रे करती है। वर्तमान में बीकानेर के रणजीतपुरा, बज्जू, खाजू बाड़मेर के गडरा रोड, म्याजलान और जैसलमेर के कुछ हिस्सों में एलडब्ल्यूओ की 45 टीमें लगातार टिड्डी मारने के लिए स्पे्र कर रही हैं। अब तक 2.27 लाख हेक्टेयर में टिड्डी नियंत्रण के लिए 1.66 लाख लीटर पेस्टिसाइड का उपयोग हो चुका है। कई जगह टिड्डी फसलें चट कर गई है।

पश्चिमी विक्षोभ से इरान की तरफ बढ़ेगी टिड्डी

एफएओ के मुताबिक वर्तमान में भारत व पाकिस्तान के अलावा यमन और इथोपिया में टिड्डी को लेकर खराब स्थिति है। अक्टूबर में अब पश्चिमी विक्षोभों से बरसात शुरू होने पर नवम्बर की शुरुआत में टिड्डी पाकिस्तान के पश्चिमी व दक्षिण पश्चिमी हिस्से, इरान, सऊदी अरब की तरफ जाएगी। भारत में सर्दी के कारण टिड्डी पीछे हटेगी।

सितम्बर में किस देश ने कितना नियंत्रण किया

देश ----------- नियंत्रण हेक्टेयर में
भारत ----------- 84639

पाकिस्तान -----------30210
इथोपिया -----------4636

सऊदी अरब ----------- 4195
यमन ----------- 245

'टिड्डी दल लगातार आ रहे हैं और हम लगातार खत्म भी कर रहे हैं। पाकिस्तान के साथ बैठक में ताजा हालात की समीक्षा की जाएगी।Ó

डॉ. केएल गुर्जर, उप निदेशक, टिड्डी चेतावनी संगठन जोधपुर