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वीटी रोड मानसरोवर में बने जयपुर का नया मल्टीस्टोरी कोर्ट परिसर-हाईकोर्ट

Mukesh Sharma

Publish: Nov 08, 2019 20:46 PM | Updated: Nov 08, 2019 20:46 PM

Jaipur

Rajasthan Highcourt) हाईकोर्ट ने (Jaipur sessions court) जयपुर मेट्रोपोलिटन कोर्ट परिसर बनीपार्क में जगह की समस्या को देखते हुए सरकार को मानसरोवर वीटी रोड पर खाली पड़ी जमीन पर (multistory court premises ) मल्टीस्टोरी कोर्ट परिसर निर्माण पर विचार करने को कहा है। न्यायाधीश मोहम्मद रफीक और न्यायाधीश एन.एस.ढड़्ढ़ा ने यह निर्देश एडवोकेट धर्मेन्द्र मूलवानी की जनहित याचिका पर दिए ।

जयपुर

(

हाईकोर्ट ने जयपुर पुलिस की ईस्ट,वैस्ट,नार्थ और साउथ की तर्ज पर आपस में जुडऩे वाली चार अलग-अलग मल्टीस्टोरी बिल्डिंग या टॉवर बनाने पर विचार करने को कहा है। इसके अलावा सभी फैमिली कोर्ट,ट्रिब्यूनल,लेबर कोर्ट आदि और बार एसोसिएशनों के ऑफिस,काफ्रेंस हॉल,लाईब्रेरी,कैंटीन सहित पर्याप्त संख्या में वकीलों के चैंबर के लिए अलग- अलग टॉवर बनाने पर विचार करने को कहा है। कोर्ट ने जमीन के एक हिस्से में न्यायिक अधिकारियों के आवास के लिए मल्टीस्टोरी बिल्डिंग बनाने पर भी विचार करने को कहा है। अदालत ने सरकार को सुझाव दिया है कि पक्षकारों, वकीलों, कोर्ट स्टॉफ,दिव्यांगजन और पोक्सो कोर्ट की आवश्यकताओं को ध्यान में रखनकर प्रतिष्ठित आर्टिटेक्चर फर्म से निर्माण की योजना बनवाने और बाद में निर्माण करवाया जाए।

दो जजशिप होगीं जयपुर मेट्रो में...

कोर्ट ने कहा है कि बनीपार्क अदालत परिसर में कई दशकों से जगह की कमी से परेशानी है और सरकार को इस पर तत्काल ध्यान देना ही होगा। वर्तमान में जयपुर मेट्रो जजशिप में १८० कोर्ट हैं और सरकार ने जयपुर मेट्रो की जजशिप को दो भाग में बांटने के हाईकोर्ट के प्रस्ताव पर सहमति दे दी है ताकि दोनों जजशिप में अदालतों का बंटवारा हो सके। लेकिन भविष्य में विस्तार होना भी तय है और बनीपार्क के वर्तमान परिसर में जगह की कमी से यह संभव नहीं होगा। पीडब्ल्यूडी भी कह चुकी है कि वर्तमान बिल्डिंग के ऊपर निर्माण संभव नहीं है।

सरकार कर रही है विचार..

महाधिवक्ता महेन्द्र सिंह सिंघवी ने कोर्ट को बताया कि बनीपार्क अदालत परिसर में तय कार्यों के लिए पीडब्ल्यूडी की ओर से भेजे गए प्रस्तावों के लिए वित्तीय स्वीकृति लेनी होगी। सरकार भी जयपुर में कोर्ट परिसर की कमी को लेकर गंभीर है और वैकल्पिक स्थान की तलाश कर रही है। उन्होने कहा कि वह वीटी रोड मानसरोवर में बताई गई जमीन की स्थिति का पता करके अदालत को बताएंगे।

वकीलों को नहीं कोई समस्या बशर्ते...

राजस्थान हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष महेन्द्र शांडिल्य ने बताया कि उन्होंने इस संबंध में जयपुर बार एसोसिएशन के अध्यक्ष से विचार विमर्श किया है। जयपुर बार के अध्यक्ष ने बताया है कि कार्यकारिणी ने इस संबंध मंे प्रस्ताव पारित कर दिया बशर्ते सभी अदालतों और ट्रिब्यूनल को एक ही स्थान पर करने के लिए पर्याप्त जमीन उपलब्ध हो और वकीलों व पक्षकारों की ऊर्जा बचाई जा सके। शांडिल्य और याचिकाकर्ता वकील राजेश शर्मा ने कहा कि सरकार को वीटी रोड पर जमीन देनी ही चाहिए। शांडिल्य ने बनीपार्क परिसर में बनी नई बिल्डिंग में चार लिफ्ट अपर्याप्त बताईं और हाईकोर्ट में पार्र्किंग की समस्या भी उठाई। कोर्ट ने सरकार को नई बिल्डिंग में दो लिफ्ट और लगाने तथा हाईकोर्ट में पार्र्किंग की समस्या को सुलझाने के लिए भी कहा है।

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