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धोखाधड़ी की शिकायतों के बाद क्रेडिट को-ऑपरेटिव सोसायटियों पर सरकार रखेगी पैनी नजर

Firoz Khan Shaifi

Publish: Oct 09, 2019 19:36 PM | Updated: Oct 09, 2019 19:36 PM

Jaipur

प्रदेश में कार्यरत क्रेडिट को- ऑपरेटिव और मल्टी स्टेट को-ऑपरेटिव सोसायटियों की गतिविधियों पर अब सरकार की पैनी नजर रहेगी। साथ ही अरबन व नागरिक बैंकों की व्यावसायिक गतिविधियों पर सरकार नजर रखेगी। इस लेकर शुक्रवार को सहकारिता रजिस्ट्रार डॉ.नीरज के.पवन ने एक अहम बैठक बुलाई है।

जयपुर। प्रदेश में कार्यरत क्रेडिट को- ऑपरेटिव और मल्टी स्टेट को-ऑपरेटिव सोसायटियों की गतिविधियों पर अब सरकार की पैनी नजर रहेगी। साथ ही अरबन व नागरिक बैंकों की व्यावसायिक गतिविधियों पर सरकार नजर रखेगी। इस लेकर शुक्रवार को सहकारिता रजिस्ट्रार डॉ.नीरज के.पवन ने एक अहम बैठक बुलाई है।

सहकार भवन में आयोजित होने वाली इस बैठक में समस्त जिलों के उप-रजिस्ट्रार, क्रेडिट को-ऑपरेटिव सोसायटियों के मुख्य कार्यकारी अधिकारी, मल्टी स्टेट को-ऑपरेटिव सोसायटियों के प्रतिनिधि, अरबन एवं नागरिक बैंकों के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं प्रबंध संचालक शामिल होंगे।

नीरज के. पवन का कहना है कि कई क्रेडिट को-ऑपरेटिव सोसायटियों और अरबन बैंकों ने लोगों से धोखाधड़ी की है। शिकायत मिलने पर सहकारिता विभाग ने प्रसंज्ञान लेते हुए कुछ क्रेडिट सोसायटियों के मामले एसओजी को भेजे हैं।

उन्होंने बताया कि हम यह ये तय करेंगे की भविष्य में ऎसी सोसायटियां लोगों के साथ ठगी नहीं कर पाएं । शुक्रवार को होने वाली बैठक में अरबन एवं नागरिक बैंक की गतिविधियों की समीक्षा के दौरान बैंकों की अमानतों, ऋण वितरण, वसूली, लाभ-हानि, एनपीए, लाभांश वितरण एवं ऑडिट अनुपालना की प्रगति की समीक्षा की जाएगी।

इसके अलावा बैंकों में रिक्त पदों व स्टाफ स्ट्रेंथ , अवसायनाधीन अरबन बैंक्स के निरीक्षण की अनुपालना, आरबीआई की निरीक्षण की अनुपालना, ओटीएस योजना, वार्षिक आमसभा, लाभ वितरण, संस्थापन व्यय जैसे पहलूओं की भी समीक्षा होगी।