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Lok Sabha Election 2019 में हार पर मंथन में गहलोत और पायलट नहीं हुए शामिल, बड़े नेताओं ने भी नहीं दिखाई एकजुटता

Dinesh Saini

Publish: Jun 22, 2019 09:51 AM | Updated: Jun 22, 2019 09:58 AM

Jaipur

Lok Sabha Election 2019 : पहले सभी बैठकें मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ( Ashok Gehlot ) और उप मुख्यमंत्री व प्रदेशाध्यक्ष सचिन पायलट ( Sachin Pilot ) की मौजूदगी में हुईं। जबकि हार पर मंथन में गहलोत और पायलट शामिल नहीं हुए...

जयपुर।

प्रदेश कांग्रेस ( rajasthan congress ) में लोकसभा चुनाव 2019 ( lok sabha election 2019 ) की हार के बाद जिस तरह पार्टी के बड़े नेता और मंत्रियों का गुस्सा बयानबाजी में झलका था, उसके मुताबिक पार्टी के बड़े नेताओं ने हार पर मंथन को लेकर एकजुटता नहीं दिखाई। लोकसभा चुनाव की तैयारी को लेकर पहले सभी बैठकें मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ( Ashok Gehlot ) और उप मुख्यमंत्री व प्रदेशाध्यक्ष सचिन पायलट ( Sachin Pilot ) की मौजूदगी में हुईं। जबकि हार पर मंथन में गहलोत और पायलट शामिल नहीं हुए। ऐसे में प्रदेश प्रभारी अविनाश पाण्डे ( avinash pandey ) और सह प्रभारियों की ओर से लिए गए चुनावी फीडबैक में खानापूर्ति ही ज्यादा नजर आई। फीडबैक देकर लौटे कुछ उम्मीदवारों ने तो दबी जुबान में यहां तक कह दिया कि फीडबैक बैठक में कोई दम वाली बात नजर नहीं आई। लगता है इसी वजह से आधा दर्जन से ज्यादा उम्मीदवारों ने तो अपनी व्यस्तता बताते हुए फीडबैक बैठक में पहुंचना ही मुनासिब नहीं समझा। हालांकि अब 23 तक लिखित रिपोर्ट मांगी गई है।

 

प्रदेश कांग्रेस में चर्चा है कि लोकसभा चुनाव की हार के कुछ दिन बाद ही राहुल गांधी ( Rahul Gandhi ) के अध्यक्ष बने रहने को लेकर प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक बुलाकर प्रस्ताव पारित किया गया था। इस बैठक में गहलोत, पायलट सहित प्रदेश के सभी नेता मौजूद थे। लेकिन इस बैठक में किसी भी नेता से चुनावी हार को लेकर फीडबैक नहीं लिया गया। फीडबैक लेने को लेकर बैठक उस वक्त बुलाई जब प्रदेशाध्यक्ष सचिन पायलट अपनी मां की स्वास्थ्य जांच के लिए विदेश गए हुए हैं और यहां मुख्यमंत्री अशोक गहलोत सरकारी बैठकों व अन्य दौरों में व्यस्त रहे।

 

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ज्योति खण्डेलवाल ने भेजा जवाब
सार्वजनिक रूप से मीडिया में बयान देने पर प्रदेश सह प्रभारी विवेक बंसल के नोटिस का ज्योति खण्डेलवाल ( jyoti khandelwal ) ने जवाब दे दिया। उन्होंने हार का बड़ा कारण पार्टी के नेताओं को ही बताया था। उन्होंने आरोप लगाया था कि शहर कांग्रेस के कई बड़े नेताओं ने उनका साथ नहीं किया। जवाब शुक्रवार को बंसल को भेज दिया।

Jyoti Khandelwal

यह आया था सामने
दिल्ली में पार्टी की 17 और 18 को दो दिन चली बैठकों में अधिकांश उम्मीदवारों ने हार का कारण बड़े नेताओं की गुटबाजी और स्थानीय नेताओं के चुनाव में पूरी तरह मदद नहीं करना बताया था। इतना ही नहीं उम्मीदवारों ने कुछ मंत्री और विधायकों तक पर भितरघात के आरोप लगाए। मंथन में सामने आया कि जिला स्तरीय पदाधिकारियों ने भी पूरी तरह से ताकत नहीं लगाई।