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गरीब के गेहूं पर संकट

Anil Chauchan

Publish: Aug 20, 2019 19:14 PM | Updated: Aug 20, 2019 19:14 PM

Jaipur

Food Department: इन दिनों Food Department के सामने बड़ी उलझल पैदा हो गई है। Ration Shops पर समय पर Ration नहीं पहुंचने के कारण लोगों को समय पर राशन नहीं मिल पा रहा है। यहीं नहीं बल्कि Consumer Fortnight का भी People को कोई खास फायदा नहीं मिल पा रहा है। उधर Food Minister ने कुछ माह पूर्व घोषणा की थी कि rajasthan में State Portability को सुदृढ किया जाएगा ताकि पात्र सदस्यों को Food समय पर मिले। लेकिन स्थितियों में ज्यादा सुधार नहीं है।

जयपुर . इन दिनों खाद्य विभाग ( Food Department ) के सामने बड़ी उलझल पैदा हो गई है। राशन की दुकानों ( Ration Shops ) पर समय पर राशन ( Ration ) नहीं पहुंचने के कारण लोगों को समय पर राशन नहीं मिल पा रहा है। यहीं नहीं बल्कि उपभोक्ता पखवाड़े ( Consumer Fortnight ) का भी लोगों ( People ) को कोई खास फायदा नहीं मिल पा रहा है। उधर मंत्री ( Food Minister ) ने कुछ माह पूर्व घोषणा की थी कि प्रदेश ( rajasthan ) में स्टोट पोर्टेबिलिटी ( State Portability ) को सुदृढ किया जाएगा ताकि पात्र सदस्यों को राशन ( Food ) समय पर मिले। लेकिन स्थितियों में ज्यादा सुधार नहीं है।

 

कैसे निकले समाधान
- समय पर नहीं पहुंच पा रहा है राशन की दुकानों पर राशन
- उपभोक्ता पखवाड़े का भी नहीं मिल पा रहा है फायदा
- पात्र परिवारों को केरोसीन उपलब्ध कराने का काम भी अधूरा
- सरकारी सुविधाओं से दूर हो रहे हैं बीपीएल परिवार
- खुद राशन डीलर्स भी हैं परेशान, नहीं दे पा रहे हैं उपभोक्ताओं को जवाब

 

यह भी कहा गया था कि पात्र परिवारों को केरोसीन की उपलब्धता सुनिश्चित कराने के लिए जिला रसद अधिकारियों के माध्यम से सर्वे कराया जाएगा, ताकि सर्वे में पाए जाने वाले उपयुक्त क्षेत्रों के ऐसे परिवारों को केरोसिन का लाभ मिल सके, जिनके पास गैस व विद्युत कनेक्शन नहीं है। इस सर्वे का काम भी अभी तक पूरा नहीं होने से बीपीएल परिवार जरूरी सरकारी सुविधाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है। उधर खाद्य विभाग के अधिकारी इस संबंध में कोई भी बात कहने से बच रहे हैं।


राशन डीलर्स का कहना है कि उनके सामने दोहरी समस्या खड़ी हो गई है। गौदामों में काफी संख्या में गेहूं है पर उन्हें पूरी मात्रा में उपलब्ध नहीं करवाया जाता है। जितना उपलब्ध करवाया जाता है वह बहुत कम है। जिसके चलते वे उपभोक्ताओं को पूरी मात्रा में गेहूं नहीं दे पाते हैं। इसके अलावा अन्य खाद्य सामग्री भी मांग के अनुरूप उपलब्ध नहीं करवाई जा रही है। हाल यह है कि राशन की दुकानों का किराया तब निकालना मुश्किल हो गया है। यहीं हाल रहा तो वह दिन दूर नहीं जब दुकानों को बंद करने जैसी स्थिति आ जाएगी।