स्लो इंटरनेट स्पीड होने पर आपको पत्रिका लाइट में शिफ्ट कर दिया गया है ।
नॉर्मल साइट पर जाने के लिए क्लिक करें ।

वित्त आयोग ने कहा...संविधान के दायरे में होगी सिफारिश

Kamlesh Agarwal

Publish: Sep 10, 2019 09:14 AM | Updated: Sep 10, 2019 09:14 AM

Jaipur

15 वें वित्त आयोग ने संवैधानिक दायरे में रहते हुए केन्द्र से राज्य को अधिक से अधिक राशि दिलाने का भरोसा दिलाया है। गैर कर राजस्व में अधिक हिस्से की मांग पर आयोग ने कहा कि इस बारे में संविधान संशोधन की सिफारिश पर विचार किया जाएगा, लेकिन राज्य को विशेष दर्जा दिलाने के मुद्दे को अपने दायरे से बाहर बताया।

जयपुर


15 वें वित्त आयोग ने संवैधानिक दायरे में रहते हुए केन्द्र से राज्य को अधिक से अधिक राशि दिलाने का भरोसा दिलाया है। गैर कर राजस्व में अधिक हिस्से की मांग पर आयोग ने कहा कि इस बारे में संविधान संशोधन की सिफारिश पर विचार किया जाएगा, लेकिन राज्य को विशेष दर्जा दिलाने के मुद्दे को अपने दायरे से बाहर बताया।


मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और उनके मंत्रिमंडल के सदस्यों से राज्य के आर्थिक हालात और आवश्यकताओं पर चर्चा के साथ सोमवार को 15 वें वित्त आयोग के दल का प्रदेश दौरा पूरा हो गया। बैठक में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने केंद्रीय करों में राज्यों की हिस्सेदारी 42 से बढ़ाकर 50 प्रतिशत करने की मांग की। मुख्यमंत्री गहलोत ने कहा कि राज्यों के जरूरी खर्च और सेवाएं पहुंचाने में होने वाले खर्च को देखते हुए केंद्रीय करों में राज्यों का हिस्सा बढ़ाना जरूरी है।
राज्य ने यह भी मांग की
— आयोग संसाधनों के लिए सिफारिश करते समय राज्य की विशेष स्थिति का ध्यान रखे।
— केंद्र जीएसटी से राज्यों को होने वाले घाटे का भुगतान 2025 तक करे
— डिस्कॉम्स के लिए मिले विशेष सहायता
— स्थानीय निकायों के अनुदान में हो ढाई गुना बढ़ोतरी
— केंद्र की फ्लैगशिप योजना जैसे स्वच्छ भारत मिशन (शहरी) के के लिए निकायों को अतिरिक्त संसाधन मिले।
— आयोग राज्यों के हित में संवेदनशील रूख अपनाए।
— केंद्रीय कानूनों की क्रियान्विति के लिए राज्यों को हो अधिक राशि का हस्तांतरण
— राज्य की उधार सीमा बढ़ाने के लिए केंद्र सरकार से सिफारिश की जाए
आयोग के अनुसार राज्य की स्थिति
— देश की 5.76 प्रतिशत आबादी राज्‍य में निवास करती है और यहां शहरीकरण की दर 24.9 प्रतिशत है।
— अन्‍य राज्‍यों की तुलना में प्रदेश में जीएसवीए में प्राथमिक क्षेत्र का योगदान अधिक
— 2017-।8 में प्रति व्‍यक्ति आय 98,078 रुपए थी, जो राष्‍ट्रीय औसत 1,14,958 रुपए से कम है।
— राज्य सौर ऊर्जा की तीसरी सबसे बड़ी ताकत (मार्च 2019 तक 3072 मेगावाट)
— विदेशी पर्यटकों को आकर्षित करने में राज्‍य 5वें और घरेलू पर्यटकों के मामले में 10वें स्‍थान पर
इनमें अच्छी स्थिति रहीं
— गरीबी कम करने के लिए एसडीजी लक्ष्‍यों को हासिल करने का प्रयास
— लगभग आधे स्‍कूलों में शारीरिक शिक्षक हैं, इस मामले में प्रदेश शीर्ष राज्यों में
— राज्‍य के वन क्षेत्र में 2.48 प्रतिशत की वृद्धि
— एकीकृत वित्‍त प्रबंधन प्रणाली (आईएफएमएस) से कोष पर निगरानी का प्रयास
वित्‍त आयोग की चिंताएं
— जीएसडीपी अनुपात की तुलना में ऋण 23.8 से बढ़कर 34.15 प्रतिशत हो गया।
— राजस्‍व प्राप्ति और राजस्‍व परिव्‍यय का बढ़ता अंतर
इन पर ध्यान देने की जरूरत
— राज्‍य विद्युत छीजत को कम करके 15 प्रतिशत तक नहीं ला पाया
— 20.38 लाख घर अभी भी गैर-विद्युतीकृत।
— विद्युत छीजत व ट्रांसफॉरमर खराब होने की दर कम हो
— उपभोक्‍ताओं को समय पर बिजली बिल पहुंचे
— निकायों की अनुदान पर निर्भरता और वित्‍तीय स्‍वायत्‍ता की कमी गंभीर चुनौती
— राज्‍य पर सातवें वेतन आयोग के बकाया का भुगतान शेष
— मेट्रो परियोजना के गलत मार्गों का चयन तथा प्रौद्योगिकी विशेषता में कमी


आयोग अध्यक्ष एन के सिंह ने दौरा पूरा होने पर कहा कि शिक्षा व स्वास्थ्य के क्षेत्र में राज्य सरकार ने 8 माह में सफलता हासिल की है, सौर उर्जा पर भी फोकस किया गया है। सुबह राज्य मंत्रिमंडल के साथ बैठक को भी आयोग ने सकारात्मक बताया। उन्होंने कहा कि पानी राज्य की मुख्य समस्या है, इस पर भी आयोग सहानुभूतिपूर्वक विचार करेगा। प्रदेश में पानी की समस्या के अध्ययन में सामने आया कि यहां पानी की कमी के साथ ही जोधपुर में जलस्तर बढ़ने की भी समस्या है। किसान कर्जमाफी का निर्णय राज्य सरकार ने स्थानीय परिस्थितियों में किया है और यहां राज्य का नेतृत्व कुशलता से हो रहा है। राज्य के साथ अन्याय नहीं होगा। सुबह मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने अब तक के आयोगों द्वारा राज्य के साथ अन्याय किए जाने की शिकायत की, इस पर आयोग अध्यक्ष ने कहा कि संविधान के दायरे में सहानुभूतिपूर्वक विचार होगा। आयोग अध्यक्ष सिंह ने कहा कि प्रदेश में पर्यटन की काफी संभावना हैं, लेकिन उसका एक अंश भी हासिल नहीं हो पाया है। यहां एयर कनेक्टिविटी की कमी एक विडम्बना है, जबकि अन्य प्रदेशों में इसकी स्थिति बेहतर है ....आयोग अध्यक्ष ने कहा कि केन्द्र सरकार और सभी 29 राज्यों ने उसे अपने प्रतिवदेन दिए, जिन पर विचार हो रहा है। अब तक के 14 आयोगों ने प्रति व्यक्ति आय को पैमाना बनाकर अनुशंषा की, मौजूदा आयोग भी गरीबी को ही प्राथमिकता में रखते हुए सिफारिश करेगा।