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जमकर बरसा पानी ,फिर भी खाली बांध

Rakhi Hajela

Publish: Sep 22, 2019 17:02 PM | Updated: Sep 22, 2019 17:02 PM

Jaipur

जमकर बरसा पानी ,फिर भी खाली बांध
20 साल से बांध में पानी का इंतजार
मेड़बंदी से जल भराव के रास्ते हुए बंद

 

इस बार मानसून (Monsoon ) राजस्थान (rajasthan ) पर काफी मेहरबान रहा। अधिकांश जिलों में अच्छी बारिश हुई तो कहीं क्षेत्रों में बाढ़ (Flood ) के हालात तक बन गए। इन सबके बीच सपोटरा उपखंड में पानी (water) की आपूर्ति (supply ) करने वाला भूमेंद्र सागर बांध बारिश (rain )के बाद भी रीता है।

इस बार मानसून राजस्थान पर काफी मेहरबान रहा और अब जबकि मानसून विदाई के करीब है फिर भी कई क्षेत्रों में जमकर बारिश हो रही है। कोटा, झालावाड़,बूंदी, बांसवाड़ा में बाढ़ के हालात तक बन गए और सेना की मदद लेनी पड़ी। वहीं झालावाड़ में भीमसागर बांध के दो गेट एक बार फिर से खोलने पड़े हैं। लगातार बारिश के चलते कई बांध लबालब हो गए लेकिन सपोटरा उपखंड के ग्रामीण क्षेत्र में पानी की पूर्ति करने वाला भूमेन्द्र सागर बांध बारिश के बाद भी सूखा है।
आपको बता दें कि भूमेन्द्र सागर बांध गोठरा सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के किसानों को पानी की पूर्ति करता है। बांध की कुल भराव क्षमता 18 फीट है, लेकिन पानी की आवक नहीं होने से बांध सूखा पड़ा है। मौसम विभाग की माने तो राजस्थान में पिछले वर्षों की तुलना में इस बार अच्छी बार बारिश हुई है।

बांध से सपोटरा के मांगरोल, बाजना, सूरतपुरा, गोठरा, गैरई, आडाडूंगर, हरिया का मन्दिर आदि क्षेत्रों को पानी मिल सकता है लेकिन पानी नहीं आने के कारण कई वर्षो से बांध की मरम्मत और सफाई भी नहीं कराई गई है। बांध के पूरा भरने पर सपोटरा के एकट, हाड़ौती, चौड़ागांव, बूकना, पहाड़पुरा, औडचआदि कई गांवों में कुओं और बावड़ी आदि में जलस्तर बढ़ता है।
क्षेत्र के लोगों का मानना है कि बांध के भरने के बाद ही क्षेत्र के कुएं में जल स्तर बढ़ता है,लेकिन बांध में पानी की आवक वाले स्थानों पर जगह जगह पर पक्की दीवार खड़ी होने से जलभराव के रास्ते बंद हो गए हैं। वन विभाग और ग्राम पंचायत की ओर से कराए गए मेड बंधी और तलाई निर्माण के कामों से बांध को किसी प्रकार का फायदा नहीं हुआ है। पानी आने के स्रोत बंद हो गए हैं। सिंचाई विभाग के कनिष्ठ अभियंता रामलखन मीना का कहना है कि भूमेन्द्र सागर बांध के ऊपर पहाड़ी पर ग्राम पंचायत और वन विभाग की ओर से अलग अलग स्कीम के तहत तलाई व पक्की दीवारों का निर्माण करा दिया है जिससे बारिश का पूरा पानी बांध तक नहीं पहुच पाया है। जिससे बांध खाली रह जाता है। ब्यूरो रिपोर्ट पत्रिका टीवी