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मिनी कृषि मंडी की शुरूआत, किसानों को बोनस के रूप में मिलेगा मुनाफा

Ashish sharma

Publish: Nov 08, 2019 21:00 PM | Updated: Nov 08, 2019 21:00 PM

Jaipur

Farmers Producer Organization : जिले में दूदू के पास मोखमपुरा में कृषक उत्पादक संगठन (एफपीओ) ने मिनी कृषि मंडी के रूप में काम करना शुरू कर दिया है।

 

जयपुर
Farmers Producer Organization : जिले में दूदू के पास मोखमपुरा में कृषक उत्पादक संगठन (एफपीओ) ने मिनी कृषि मंडी के रूप में काम करना शुरू कर दिया है। कृषि मंत्री लालचंद कटारिया ने शुक्रवार को किसानों से खरीदे मूंग से भरे ट्रक को हरी झंडी दिखाकर समारोहपूर्वक ‘फस्र्ट फाॅरवर्ड मार्केट लिंकेज ट्रांजेक्शन’ की शुरुआत की। इस दौरान ई-आॅक्शन करके मूंग बेचा गया। इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में कृषि मंत्री लालचंद कटारिया ने किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि फसल का उचित मूल्य दिलाने और खेती को लाभप्रद बनाने के मकसद से विश्व बैंक के सहयोग से राजस्थान कृषि प्रतिस्पर्धात्मक परियोजना (आरएसीपी) के अंतर्गत किसान उत्पादक कम्पनियों का गठन किया गया है। इन्हें पिछले दिनों विशेष छूट प्रदान कर किसानों से सीधी उपज खरीदने के लाइसेंस दिए गए हैं। प्रदेश में दस एफपीओ ने सीधी खरीद लाइसेंस प्राप्त कर उपज खरीदना चालू कर दिया है। इससे काश्तकार और कम्पनी के मध्य बिचैलियों को खत्म करने में मदद मिलेगी। जिससे किसान को उपज का उचित दाम मिलेगा। यहां मण्डी से कुछ राशि ज्यादा मिलेगी और माल ले जाने में खर्च होने वाले धन और समय की भी बचत होगी।

बोनस के रूप में मिलेगा मुनाफा
कृषि मंत्री ने बताया कि एक हजार से ज्यादा सदस्यों वाले मोखमपुरा एफपीओ ने 15 टन मूंग का ई-ऑक्शन कर उपज खरीद-बेचान की शुरुआत की है। बड़े प्रसंस्करण कम्पनियों को सीधा बेचान से होने वाला मुनाफा भी सदस्य किसानों को बोनस के रूप में मिलेगा। उन्होंने इस अवसर पर एफपीओ को मूंग बेचने वाले किसानों को चेक प्रदान किए।

एमएसपी पर शुरू होगी खरीद
कृषि मंत्री कटारिया ने किसानों की मांग पर मोखमपुरा में अगली रबी सीजन से पहले न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर खरीद केन्द्र शुरू करने की घोषणा की। इस दौरान कटारिया ने कहा कि सरकार प्रदेशभर में एमएसपी खरीद केन्द्र बढ़ाएगी। कार्यक्रम में दूदू विधायक बाबूलाल नागर ने कहा कि राज्य सरकार किसानों की मजबूती के लिए हरसंभव प्रयास कर रही है।
राज्य में 31 कंपनियां गठित
कार्यक्रम में कृषि विभाग के आयुक्त एवं आरएसीपी परियोजना निदेशक डाॅ. ओमप्रकाश ने बताया कि प्रदेश में 31 किसान उत्पादक कम्पनियों का गठन किया गया है। जिनमें 15 हजार काश्तकारों ने सदस्यता ली है। कृषि उत्पादन की लागत घटाने और समय पर गुणवत्ता वाले कृषि इनपुट उपलब्ध करवाने के लिए 14 कृषि इनपुट दुकानें चालू की गई है। खरीद लाइसेंस वाले एफपीओ आॅनलाइन प्लेटफाॅर्म पर बड़ी कम्पनियों से बातचीत कर ई-आॅक्शन से फसलों का बेचान कर रही है। बूंदी में भी 24 टन मक्का का बेचान इसी तरीके से किया गया है। इस अवसर पर बड़ी संख्या में किसान उपस्थित थे।

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