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फरवरी में होगी बिजली दर बढोतरी!

Bhavnesh Gupta

Publish: Jan 18, 2020 12:05 PM | Updated: Jan 18, 2020 12:05 PM

Jaipur

#ElectricityBill

जयपुर। बिजली दर बढोतरी का प्रस्ताव फरवरी के पहले पखवाड़े में लागू हो जाएगा। राजस्थान विद्युत विनियामक आयोग ने इसकी तैयारी शुरू कर दी है। इसके लिए संबंधित अधिकारियों को प्रक्रिया पूरी करने के लिए कहा गया है। जयपुर डिस्कॉम भी इसे जल्द से जल्द लागू करने के लिए कह रहा है। इसके पीछे घाटा बढ़ने का तर्क दिया जा रहा है। डिस्कॉम्स के विद्युत दर बढ़ोतरी के प्रस्ताव पर राजस्थान विद्युत विनियामक आयोग सुनवाई कर चुका है और उस आधार पर अंतिम रूप भी दे दिया गया, पहले नगर निगम और अब पंचायत चुनाव ने प्रस्तावित बिजली दर बढोतरी पर फिलहाल ब्रेक लगा दिए थे।
सूत्रों के मुताबिक राज्य सरकार की मंशा है कि नई विद्युत टैरिफ पंचायत चुनाव के बाद प्रभावी की जाए। हालांकि, सरकार यहां विद्युत विनियामक आयोग को इस तरह के निर्देश नहीं दे सकती है। गौरतलब है कि जयपुर, जोधपुर और अजमेर तीनों डिस्कॉम ने टैरिफ पीटिशन में 25 फीसदी तक बिजली दर बढोतरी प्रस्तावित की है। विद्युत विनियामक आयोग ने आपत्तियों पर सुनवाई की थी। इसके बाद डिस्कॉम्स के अफसर महाराष्ट्र, मध्यप्रदेश, पंजाब और उत्तर प्रदेश का दौरे पर गए।

उपभोक्ताओं ने यूं उठाए सवाल..
-उद्योगों के लिए पॉवर इंसेंटिव प्रस्तावित है लेकिन इसके नाम पर 1.30 रुपए प्रति यूनिट की छूट तो प्रस्तावित की है लेकिन फिक्स चार्ज 185 से बढ़ाकर 350 रुपए कर रहे हैं। इससे वास्तविक छूट का लाभ केवल 60 पैसे प्रति यूनिट ही मिलेगा।
-उद्योगों में टाइम ऑफ डे (टीओडी) के तहत रात 10 से सुबह 6 बजे तक बिजली उपभोग पर 10 प्रतिशत छूट दे रहे हैं लेकिन पीक आॅवर (सुबह 7 से 11 बजे तक) में बिजली उपभोग दर सामान्य टैरिफ के साथ 10 प्रतिशत अतिरिक्त राशि लेना प्रस्तावित कर दिया। यानि, एक हाथ से देकर, दूसरे हाथ से ले लेंगे।
-बिजली खरीद दर करीब 4 रुपए आती है लेकिन उद्योगों को 8 रुपए प्रति यूनिट में बेच रहे हैं। इसके बावजूद 3170.77 करोड़ रुपए का प्रोजेक्टेड लॉस दिखा दिया गया।
-उदय योजना के तहत 80 हजार करोड़ रुपए आए थे। उस समय डिस्कॉम ने दावा किया था कि 252 करोड़ रुपए सरप्लस रहेंगे। उलटे, वित्तीय घाटा दिखाकर बोझ आमजन पर डाल दिया गया।
-15 हजार करोड़ रुपए के बॉण्ड मार्केट में फ्लो करने थे, लेकिन ऐसा हुआ नहीं। उलटे 5 प्रतिशत ब्याज देकर करीब 750 करोड़ रुपए का अतिरिक्त भार भी लोगों के बिजली बिल में डाला जा रहा है।
-बिजली खरीद दर कम कैसे हो, इसकी राय के नाम पर 20.44 करोड़ रुपए उर्जा विकास निगम को दे दिए गए।

बताया 7 हजार करोड़ का घाटा, दर बढ़ी तो भी 2 हजार करोड़ रहेगा...
याचिका में बताया गया है कि यदि टैरिफ में बढ़ोत्तरी नहीं होती है तो डिस्कॉम्स पर करीब 7 हजार करोड़ रूपए का घाटा रहेगा। यदि टैरिफ बढ़ जाता है तो भी 2 हजा करोड़ रूपए का घाटा रहेगा। इस घाटे की पूर्ति जनता की जेब से होगी।


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