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इंजीनियरिंग कॉलेज जुड़ेंगे एमडीएस यूनिवर्सिटी से

Jagmendra Prasad Rai

Publish: Oct 14, 2019 02:19 AM | Updated: Oct 14, 2019 02:19 AM

Jaipur

बड़लिया और माखपुरा स्थित इंजीनियरिंग कॉलेज बीकानेर और कोटा के तकनीकी विश्वविद्यालय से सम्बद्ध हैं। विद्यार्थियों की सेमेस्टर और प्रयोगिक परीक्षाएं, पेपर और पाठ्यक्रम निर्माण दोनों विश्वविद्यालय करते हैं। सेमेस्टर परीक्षाएं, परिणाम निकालने और प्रवेश कार्यों में प्रतिवर्ष विलम्ब हो रहा है। दोनों कॉलेज स्वायत्तशासी समितियों के अधीन संचालित हैं। सरकार से अनुदान नहीं मिलता है। साथ ही अनियमितताओं से सरकार की किरकिरी हो रही है।

तकनीकी शिक्षा विभाग को भेजेंगे प्रस्ताव
संघटक कॉलेज बनाने के लिए

अजमेर. महर्षि दयानंद सरस्वती विश्वविद्यालय दोनों इंजीनियङ्क्षरग कॉलेज को 'खुदÓ से जोडऩे की कवायद में जुटेगा। दोनों संस्थाओं को संघटक कॉलेज बनाने का प्रस्ताव तकनीकी शिक्षा विभाग को भेजा जाएगा। इससे विश्वविद्यालय को कई फायदे होंगे।

बड़लिया और माखपुरा स्थित इंजीनियरिंग कॉलेज बीकानेर और कोटा के तकनीकी विश्वविद्यालय से सम्बद्ध हैं। विद्यार्थियों की सेमेस्टर और प्रयोगिक परीक्षाएं, पेपर और पाठ्यक्रम निर्माण दोनों विश्वविद्यालय करते हैं। सेमेस्टर परीक्षाएं, परिणाम निकालने और प्रवेश कार्यों में प्रतिवर्ष विलम्ब हो रहा है। दोनों कॉलेज स्वायत्तशासी समितियों के अधीन संचालित हैं। सरकार से अनुदान नहीं मिलता है। साथ ही अनियमितताओं से सरकार की किरकिरी हो रही है।

दो साल पहले बना था प्रस्ताव
वर्ष 2017 में तत्कालीन कुलपति प्रो. कैलाश सोडाणी ने सीएमओ और तकनीकी शिक्षा विभाग को प्रस्ताव भेजा था। इसमें दोनों कॉलेज को आरटीयू की बजाय महर्षि दयानंद सरस्वती विश्वविद्यालय का संघटक कॉलेज बनाना प्रस्तावित था। पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे और पूर्व राज्यपाल कल्याण सिंह ने इसकी सैद्धांतिक सहमति दी, लेकिन दोनों कॉलेज के तत्कालीन अधिकारियों को स्वायतत्ता खोना पसंद नहीं आया।

विवि दोबारा भेजेगा प्रस्ताव

मदस विश्वविद्यालय नए सिरे से इंजीनियरिंग कॉलेज बड़लिया और महिला इंजीनियरिंग कॉलेज माखुपुरा को संघटक कॉलेज बनाने का प्रस्ताव भेजेगा। वित्तीय, प्रशासिनक पहलुओं पर भी चर्चा होगी। मालूम हो कि इंजीनियरिंग कॉलेज में मनमानी नियुक्तियों, पदोन्नतियों, पसंदीदा किराए का मकान लेने, बगैर अनुमति विदेश यात्राओं जैसी शिकायतें मिलती रही हैं।

यह होंगे विश्वविद्यालय को फायदे
- विश्वविद्यालय को मिलेगी कई इंजीनियरिंग फेकल्टी

- आईटी, कम्प्यूटर और सिविल क्षेत्र में मिलेगी मदद
- बढ़ेगी शिक्षकों और विद्यार्थियों की बढ़ेगी संख्या

- सह शैक्षिक, तकनीकी और शैक्षिक गतिविधियों को मिलेगा बढ़ावा

फैक्ट फाइल
1997-98 में स्थापित हुआ इंजीनियरिंग कॉलेज बड़लिया

2007-08 : में स्थापित हुआ महिला इंजीनियरिंग कॉलेज
25 : से ज्यादा कोर्स संचालित हैं दोनों कॉलेज में

125 : से ज्यादा शिक्षक हैं कार्यरत
2 : हजार से ज्यादा विद्यार्थी अध्ययनरत

इनका कहना है...

दोनों इंजीनियरिंग कॉलेज को संघटक कॉलेज बनाया जाना है। हम इसके लिए बिल्कुल तैयार हैं। सरकार और तकनीकी शिक्षा विभाग को जल्द प्रस्ताव भेजेंगे।

प्रो. आर. पी. सिंह, कुलपति, मदस विश्वविद्यालय