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दूध के खाली पाउच रखें संभालकर, जानें कैसे मिलेंगे दाम

Hanuman Ram Galwa

Publish: Aug 22, 2019 19:35 PM | Updated: Aug 22, 2019 19:35 PM

Jaipur

प्लास्टिक मुक्त भारत अभियान (plastic free india) को केंद्र की मोदी सरकार (modi government) गति देगी। सभी डेयरियों से दूध के खाली पाउच रिसाइकिल करने की परियोजना तैयार करने को कहा गया है। केंद्र ने सभी राज्य सरकार को को दूध के खाली पाउच खरीदने और रिसाइकिल (recycling) करने के निर्देश दिए हैं।


दूध के खाली पाउच रखें संभालकर, जानें कैसे मिलेंगे दाम


- रिसाइकिल होंगे दूध के पाउच
- दूध के पाउच अब नहीं फैलाएंगे प्रदूषण
- चलेगा प्लास्टिक मुक्त भारत अभियान
- केंद्र की मोदी सरकार ने दिए निर्देश
- राज्य सरकारें दूध के पाउच का करेंगी निस्तारण
- दूध के खाली पाउच के भी मिलेंगे पैसे
- सरस डेयरी ने भी कर रखी पूरी तैयारी
- सभी डेयरियां तैयार करेगी रिसाइकिल परियोजना
- हर डेयरी में लगेगा रिसाइकलिंग प्लांट


प्लास्टिक मुक्त भारत अभियान को केंद्र की मोदी सरकार गति देगी। सभी डेयरियों से दूध के खाली पाउच रिसाइकिल करने की परियोजना तैयार करने को कहा गया है। केंद्र ने सभी राज्य सरकार को को दूध के खाली पाउच खरीदने और रिसाइकिल करने के निर्देश दिए हैं।
आइए बताते हैं कि केंद्र की मोदी सरकार ने पॉलीथीन में उपभोक्ता सामग्री के वितरण को हतोत्साहित करने के लिए दूध के कारोबार से जुड़ी अमूल और मदर डेयरी से दूध के पाउच के रिसाइकिल के लिए कार्य योजना तैयार करने को कहा है। केंद्र ने सभी राज्य सरकारों से अपने इस अनुरोध पर अमल का आग्रह किया है। उसे पशुपालन एवं डेयरी विभाग से साझा करने का अनुरोध किया है, ताकि अन्य दूध संघ इसका पालन कर सके।

देश में दूध को लेकर नई दिल्ली में हाल ही में हुई उच्च स्तरीय बैठक में दूध के खाली पाउच रिसाइकिल करने को लेकर निर्णय लिया गया। बैठक में पशु पालन एवं डेयरी विभाग के सचिव, राज्य सहकारी दुग्ध संघों, निजी डेयरी के वरिष्ठ अधिकारियों महिला एवं बाज विकास मंत्रालय के प्रतिनिधि, डेयरी विकास बोर्ड और कृषि उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण के वरिष्ठ अधिकारियों ने हिस्सा लिया। पशुपालन एवं डेयरी विभाग के सचिव ने गुजरात मिल्क फेडरेशन (अमूल) नंदनी (कर्नाटक) , वेरका (पंजाब), महानंद (महाराष्ट्र) से अभियान के तौर पर प्लास्टिक मिल्क पाउच को दोबारा उपयोग किए जाने को बढ़ावा देने का अनुरोध किया गया।

बैठक में हुए मंथन की चर्चा करें तो प्लास्टिक के उपयोग को कम करने के लिए आधे लीटर के पाउच की जगह एक लीटर के पाउच पर सब्सिडी देने का फैसला किया गया। साथ ही पाउच वापस लाने वाले को छूट देने तथा सड़क निर्माण जैसे कार्यों में पाउच का उपयोग किए जाने पर जोड़ दिया गया। सभी सहकारी दुग्ध संघों और निजी डेयरी से दो अक्टूबर गांधी जयंती से प्लास्टिक उपयोग को कम करने और मीडिया से सहयोग करने का अनुरोध किया गया है। बैठक में मांग और आपूर्ति, आयात निर्यात, दूध खरीद मूल्य आदि की भी समीक्षा की गई।

राजस्थान की सरस डेयरी ने भी दूध के खाली पाउच खरीदने और रिसाइकिल करने की तैयारी कर रखी है। राजस्थान कॉ-ओपरेटिव डेयरी फेडरेशन ने राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के नोटिस के बाद से ही रिसाइकिल प्लांट लगाने की तैयारियों शुरू कर दी। केंद्र के नए निर्देशों के बाद उम्मीद की जा रही है कि यह काम गति पकड़ेगा और राज्य के लोगों को भी दूध के खाली पाउच के भी दाम मिलने लगेंगे।