स्लो इंटरनेट स्पीड होने पर आपको पत्रिका लाइट में शिफ्ट कर दिया गया है ।
नॉर्मल साइट पर जाने के लिए क्लिक करें ।

फेस्टिव सेल में ई-कॉमर्स कंपनियों की दिवाली

Narendra Solanki

Publish: Oct 10, 2019 00:19 AM | Updated: Oct 10, 2019 00:19 AM

Jaipur

Amzonनई दिल्ली। अर्थव्यवस्था ( economy ) में छाई सुस्ती के बावजूद ई-कॉमर्स ( e-commerce ) साइट्स पर लगी फेस्टिव ( festive ) सेल में लोगों ने जमकर खरीदारी की। कंसल्टेंसी फर्म रेडसीर की रिपोर्ट के मुताबिक छह दिन चली इस सेल में अमेजन (Amzon) और फ्लिपकार्ट समेत ई-कॉमर्स प्लेटफॉम्र्स ने 19,000 करोड़ रुपए की सेल की। इस सेल में ग्रॉस मर्चेंन्डाइज वैल्यू के मामले में फ्लिपकार्ट सबसे आगे रहा। फ्लिपकार्ट का शेयर जीएमवी में 60 फीसदी से भी ज्यादा रहा। रिपोर्ट के मुताबिक, पूरे महीने चलने वाली सेल में ई-कॉमर्

रेडसीर ने बताया कि मोबाइल समेत सभी कैटेगरी में मजबूत प्रदर्शन से फ्लिपकार्ट इस सेल में सबसे आगे रहा। उत्पादों की सही कीमतों, ईएमआई से भुगतान की सुविधा और सभी कैटेगरीज में मौजूद विस्तृत रेंज ने ग्राहकों को आकर्षित किया। ओवरऑल फेस्टिव सेल में अमेजन की हिस्सेदारी 28 फीसदी रही। अमेजन और फ्लिपकार्ट ने इस फेस्टिव सेल में 90 फीसदी सेल पर कब्जा किया। कैटेगरी की बात करें तो मोबाइल कैटेगरी में सबसे ज्यादा खरीदारी हुई। कुल जीएमवी का 55 फीसदी मोबाइल से आया।

रेडसीर के मुताबिक, ऑनलाइन शॉपिंग साइट्स ने पहली फेस्टिव सेल पूरी की, लेकिन अभी पूरे महीने सेल चलने वाली है। इसमें 39,000 करोड़ रुपए की सेल होने की उम्मीद है। रेडसीर कंसल्टिंग के फाउंडर और सीईओ अनिल कुमार के मुताबिक, ऑनलाइन शॉपिंग के प्रति लोगों का रुझान बना हुआ है। अर्थव्यवस्था में छाई सुस्ती का इस पर ज्यादा असर नहीं पड़ रहा है। इस साल की सेल में न सिर्फ बड़े शहरों के ग्राहकों ने खरीदारी की, बल्कि ग्रामीण इलाकों और टियर-1 व टियर-2 शहरों में रहने वाले लोगों ने भी ऑनलाइन शॉपिंग का लुत्फ उठाया।

अमेजन और फ्लिपकार्ट ने अपने सभी पुराने रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। इन कंपनियों ने 29 सितंबर से लेकर चार अक्टूबर के बीच महज इन छह दिनों की बिक्री में वॉलमार्ट की स्वामित्व वाली कंपनी फ्लिपकार्ट और अमेजन की हिस्सेदारी 90 फीसदी रही। त्योहारी सीजन की बिक्री के पहले संस्करण में जोर पकड़ी खरीदारी को देखते हुए उम्मीद की जाती है कि अमेजन और फ्लिपकार्ट की ऑनलाइन बिक्री छह अरब डॉलर (39,000 करोड़ रुपए) तक जा सकती है।