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सहकारिता में पंजीकृत 2.40 लाख संस्थाओं का डाटा होगा ऑनलाइन

Ankit Dhaka

Publish: Nov 12, 2019 01:10 AM | Updated: Nov 12, 2019 01:10 AM

Jaipur

संस्थाओं को 1 से 31 दिसम्बर तक जानकारी करनी होगी अपलोड, नहीं तो होगा पंजीकरण रद्द

जयपुर.

पंजीकृत सोसायटियों को ऑनलाइन करने के संबंध में सोमवार को सचिवालय में एक बैठक आयोजित की गई। इस मौके पर

प्रमुख सचिव (सहकारिता) नरेश पाल गंगवार ने कहा कि सभी पंजीकृत सहकारी सोसायटियों, गैर लाभकारी संगठनों एवं खेलकूद की संस्थाओं की गतिविधियों सहित अन्य सभी प्राथमिक जानकारियां राजसहकार पोर्टल पर अपलोड होंगी। इसके लिए पोर्टल पर एक से 31 दिसम्बर तक सभी संस्थाओं को एसएसओ आइडी के माध्यम से सभी रिकार्ड अपलोड करने होंगे।
उन्होंने बताया कि आदेशों की अवहेलना करने वाली संस्थाओं के खिलाफ सख्त कार्यवाही की जाएगी।

उप रजिस्ट्रार को निर्देश दिए जाएं
उन्होंने कहा कि राजस्थान सहकारी सोसायटी अधिनियम 2001, राजस्थान सोसायटी रजिस्ट्रीकरण अधिनियम 1958 और स्पोट्र्स एक्ट के तहत लगभग 2.40 लाख पंजीकृत संस्थाओं के लिए यह अनिवार्य है। जो संस्था 31 दिसम्बर तक अपनी सभी जानकारियां एवं अधिनियम के तहत प्रस्तुत किए जाने वाले रिटर्न ऑनलाइन दाखिल नहीं करेगी, उनकेउनका पंजीकरण रद्द करने की कार्यवाही की जाएगी।

उन्होंने कहा कि जिलों के सभी उप रजिस्ट्रार को निर्देश दिए जाए कि उनके जिले में पंजीकृत सभी संस्थाओं की सामान्य जानकारी 30 नवम्बर तक पोर्टल पर अपलोड हो जाए। सभी संस्थाओं द्वारा किए जा रहे कार्यों की बेहतर मॉनिटरिंग करने तथा आमजन को इन संस्थाओं के द्वारा किए जाने वाले नियम विरूद्ध कार्यों से बचाने के उद्देश्य से सभी संस्थाओं के विवरण एवं एक्टिविटीज को ऑनलाइन करने का निर्णय लिया गया है।
सत्यापन कर उसे लॉक करेंगे

गंगवार ने बताया कि दैनिक कामकाज में बढ़ते तकनीक के प्रयोग को देखते हुए संस्थाओं के सभी मेंडेटरी रिटर्न को ऑनलाइन दाखिल करवाया जाएगा। संस्थाओं में पारदर्शिता लाने के लिये 1 दिसम्बर से नई एप्लीकेशन के माध्यम से सोसायटियों से संबंधित सभी सूचनाओं को संशोधित करने की सुविधा प्रारम्भ कर दी जाएगी। सोसायटियों द्वारा 31 दिसम्बर तक जानकारियां अपलोड करने के बाद 1 से 15 जनवरी तक उप रजिस्ट्रार के स्तर पर सूचनाओं का सत्यापन कर उसे लॉक करेंगे, जो पब्लिक डोमेन में उपलब्ध होगी।

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