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दूध में मिलावट का खेल पकड़ने में अब पुलिस की मदद लेगी डेयरी

Ankit Dhaka

Publish: Dec 09, 2019 17:45 PM | Updated: Dec 09, 2019 17:45 PM

Jaipur

दूध चोरी के दो टैंकर पकडऩे का मामला: डेयरी में गहनता से होगी टैंकरों की जांच , मांगी मदद

जयपुर. टैंकरों से दूध की चोरी का मामला सामने आने के बाद जयपुर डेयरी में हडक़ंप मच हुआ है। इस खेल में लिप्त लोगों को पकडऩे के लिए डेयरी प्रशासन अब पुलिस की मदद लेगा। शनिवार को दो टैंकरों में मामला सामने आने के बाद डेयरी के एमडी राहुल सक्सेना ने पांच अधिकारियों की एक जांच टीम तो गठित की लेकिन रविवार की छुट्टी की वजह से जांच आगे नहीं बढ़ सकी। अब सोमवार को सुबह दोनों टैंकरों के मालिकों के खिलाफ थाने में एफआइआर करवाई जाएगी और पुलिस की मौजूदगी में टैंकरों को काटकर उसमें पानी के लिए बनाए गए पॉकेट की क्षमता जांची जाएगी। साथ ही पता लगाया जाएगा कि आखिर इस टैंकर को कहां बनवाया गया है और ऐसे कितने टैंकर जयपुर डेयरी या अन्य डेयरियों में चल रहे है। इधर सूत्रों का कहना है कि टैंकर करीब डेढ़ साल से चल रहे हैं। इनकी 9 हजार लीटर की क्षमता है। संभवत: इनमें 500 से 1000 लीटर पानी की मिलावट हो सकती है।

- डेयरी अधिकारियों ने बताया कि, डेयरी में प्रवेश के दौरान टैंकरों की गहनता से जांच पड़ताल होगी। जांच में मदद के लिए आइडीएमसी व एनडीडीबी से भी तकनीकी सहायता मांगी हैं ताकि एक्स-रे से चोरी को पकड़ा जा सकें। वहीं दूसरी ओर डेयरी में स्टाफ की कमी है। जिससे इतने टैंकरों की एक साथ जांच होना भी संभव नहीं है।

यह भी आया सामने- टैंकर से दूध निकालने के बाद उसके वजन को संतुलित करने के लिए उसमें लोहे की चैन, लोहे के बांट, लोहे का टूकड़ा आदि डाल लेते है। टैंंकर डेयरी में खाली होने के बाद उसे निकाल लेते है, ताकि खाली होने के बाद वजन में गड़बड़ी नहीं आए।

- यहां टैेंकर में अलग से पॉकेट लगे नजर आए। जिसमें पानी डालकर लाते थे।-हाल ही में अलवर व श्रीमाधोपुर में इस तरह दूध चोरी के मामले सामने आए।

- डेयरी में रोजाना करीब 125 टैंकरों से दूध की आपूर्ति होती है। इसमें करीब 10 लाख लीटर से अधिक दूध की आवक होती है।

--मामला गंभीर, अंतिम छोर तक जाएंगे

चोरी का मामला काफी गंभीर है। पूर्व में भी ऐसे मामले सामने आए थे जिस पर ठोस कार्रवाई की गई। पुलिस की मदद से अंतिम छोर तक जाएंगे ताकि दोबारा ऐसे हालात नहीं पनपे। संभवत: बड़ा नेटवर्क का खुलासा हो सकता है। इसमें किसी भी तरह से लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी।

ओम पूनिया -चेयरमैन, जयपुर डेयरी

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