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बाटा की अपील खारिज देना होगा 10 हजार रुपए हर्जाना

Mukesh Sharma

Publish: Nov 08, 2019 21:08 PM | Updated: Nov 08, 2019 21:08 PM

Jaipur

(State consumer commission) राज्य उपभोक्ता आयोग ने कंपनी के प्रिंटेड बेग के उपभोक्ता से दो रुपए वसूलने के मामले में (Bata India Ltd) बाटा इंडिया लि. की अपील को खारिज कर दिया है। आयोग ने कहा है की बाटा कंपनी के दो रुपए में दिए गए बैग पर कंपनी का लोगो होने से साफ है कि यह विज्ञापन था

जयपुर

मामले के अनुसार सोडाला निवासी महेश पारीक ने 16 अप्रैल 2016 को सोडाला स्थित बाटा स्टोर से 399 रुपए में जूते खरीदे थे। कंपनी ने कीमत में दो रुपए जोडकर कागज के बैग में जूते का डब्बा रखकर परिवादी को दे दिया। इस बैग पर विज्ञापन के उद्देश्य से कंपनी का नाम और लोगो छपा हुआ था। जिसे देखकर दूसरे लोगों ने भी इसी कंपनी के जूते खरीदे।

परिवादी महेश पारीक की ओर से जिला उपभोक्ता मंच में परिवाद पेश कर कहा गया की कंपनी जब बैग के रुपए वसूल रही है तो उसे सादा बैग ही दिया जाना चाहिए था। कंपनी ने एक ओर बैग के बदले रुपए वसूल किए वहीं दूसरी ओर परिवादी से बैग के माध्यम से अपना विज्ञापन कराया और अपनी बिक्री बढ़ाई। जिला उपभोक्ता मंच ने 14 मई को कंपनी पर दस हजार रुपए का हर्जाना लगाया था।

इस आदेश को कंपनी की ओर से आयोग में चुनौती देते हुए कहा गया की प्लास्टिक के बैग बंद हो चुके हैं। ऐसे में कैरी बैग दो रुपए में उपलब्ध कराए जा रहे हैं। सुनवाई के दौरान कंपनी की ओर से सादा बैग की जगह प्रिंटेड बैग देने का कोई कारण नहीं बताया गया। जिस पर सुनवाई करते हुए आयोग ने अपील को खारिज कर दिया।

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