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नेशनल हाइवे में पिछड़ रहे कांग्रेस शासित प्रदेश

Ankit Dhaka

Publish: Nov 20, 2019 01:40 AM | Updated: Nov 20, 2019 01:40 AM

Jaipur

 

राजस्थान के मुकाबले एमपी और छत्तीसगढ़ के बुरे हाल


नई दिल्ली. केन्द्र और राज्यों में अलग-अलग राजनीतिक दलों की सरकार होने का असर अक्सर योजनाओं के क्रियान्वयन पर दिखता रहा है। ऐसा ही कुछ नेशनल हाइवे निर्माण में पिछले डेढ़ साल में देखने को मिला है। राजस्थान, मध्यप्रदेश व छत्तीसगढ़ में कांग्रेस को सत्ता में आए हुए एक साल होने का आया, इस दौरान तीनों ही प्रदेशों में नेशनल हाइवे निर्माण कार्यों की गति गिर रही है।

देशभर में नेशनल हाइवे निर्माण कार्य पिछले पांच साल में तेजी से हुए। प्रतिदिन 11 किलोमीटर से बढकऱ यह 22 किलोमीटर तक पहुंचे। नेशनल हाइवे के मामले में पिछड़े राजस्थान को केन्द्र व राज्य में भाजपा की सरकार होने का फायदा बखूबी मिला और हाइवे निर्माण परवान चढ़ गया। राजस्थान में 2016-17 में 1125 किलोमीटर लंबाई तक नेशनल हाइवे तैयार किया गया। इसके अगले साल इसमें मामूली गिरावट आई लेकिन राजस्थान में सत्ता परिवर्तन के बाद नेशनल हाइवे निर्माण कार्य लगातार धीमे होते चले गए। पिछले डेढ़ साल में राजस्थान में 1177 किलोमीटर लंबाई का नेशनल हाइवे तैयार हो सका है। ऐसा ही हाल मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ में देखने को मिल रहा ह ै। पिछले दिनों राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत केन्द्र की कुछ योजनाओं में बजट कटौती को लेकर केन्द्र सरकार के खिलाफ बयान भी दे चुके हैं।

भाजपा शासित कुछ राज्य भी पिछड़े
भाजपा शासित गुजरात, हरियाणा, बिहार जैसे कुछ प्रदेशों में भी नेशनल हाइवे निर्माण कार्यों की रफ्तार धीमी हुई है। इनमें गुजरात और हरियाणा में नेशनल हाइवे निर्माण पर पहले बहुत काम हो चुका है, जिससे काम की रफ्तार कम हुई है।

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विभिन्न राज्यों में नेशनल हाइवे निर्माण की स्थिति (किलोमीटर में निर्माण)

प्रदेश 2014-15 2015-16 2016-17 2017-18 2018-19 2019-20 में अब तक
राजस्थान 853 1,063 1,125 1,075 728 449

मध्यप्रदेश 335 306 475 594 829 356
छत्तीसगढ 307 327 483 522 397 114

गुजरात 139 277 86 189 303 84
हरियाणा 86 170 369 290 226

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