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5 माह में कर्जमाफी समेत 21 बड़े फैसले, फिर भी औंधे मुंह गिरी कांग्रेस सरकार, अब पार्टी में मचा घमासान

Dinesh Saini

Publish: May 29, 2019 10:51 AM | Updated: May 29, 2019 10:51 AM

Jaipur

मोदी लहर का असर: बेरोजगारी भत्ता, किसान पेंशन, वृद्धावस्था पेंशन वृद्धि को भी जनता ने नकारा...

जयपुर।

पांच महीने पहले कांग्रेस ने जोरदार तरीके से राज्य में वापसी की, जोर-शोर से कांग्रेस घोषणा पत्र को सरकारी दस्तावेज घोषित कर किसान कर्जमाफी समेत 21 बड़े फैसले किए। अप्रेल-मई में चुनाव हुए तो राज्य की कांग्रेस सरकार पूरी तरह से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ( Narendra Modi ) की आंधी में बौनी साबित होकर रह गई और उसके हाथ एक सीट भी नहीं लगी। राज्य में कांग्रेस ने सत्ता हासिल करने के बाद लोकसभा चुनाव ( Lok Sabha Election 2019 ) के लिए मिशन-25 चलाया। इसके लिए कांग्रेस ने सबसे पहले किसान कर्जमाफी ( Farm loan waiver in Rajasthan ) का दांव चला। सरकार ने 30 नवंबर 2018 की स्थिति में सहकारी बैंकों के समस्त अल्पकालीन फसली ऋ ण और लघु और सीमांत किसानों का मध्यकालीन व दीर्घकालीन ऋ ण दो लाख रुपए तक माफ किया। इसके अलावा शिक्षित बेरोजगारी भत्ता 5 गुना बढ़ाकर 3 हजार से साढ़े तीन हजार तक किया।


जल्दबाजी में फायदा नहीं, बन गया मुद्दा
जल्दबाजी में किए निर्णय से जनता को अपेक्षाकृत फायदा नहीं मिला, पीएम समेत भाजपा ने घोषणा को ही मुद्दा बना डाला। भाजपा ने कहा कि कांग्रेस ने वादे तो कर लिए, लेकिन पूरा करने का दम नहीं है। मोदी ने राष्ट्रवाद का नारा भी मरूधरा से ही दिया। कांग्रेस हमलों का जवाब नहीं दे सकी व घोषणाओं पर जनता का ध्यान ही नहीं गया। मंत्री या अन्य नेता भी पांच महीने के कामकाज बताने की बजाय मोदी पर ही हमले करते रहे। ऐसे में कांग्रेस चारों खाने चित्त हो गई।


मोदी के बोल कांग्रेस पर पड़े भारी ( Narendra Modi in Rajasthan )
मोदी ने प्रदेश में कुल 9 सभाएं की। हर सभा में मोदी ने नए अंदाज में कांग्रेस को घेरा। चित्तौडगढ़़ में आतंकवाद का मुद्दा उठाते हुए कहा कि देश से आतंकवाद मोदी ही खत्म कर सकते हैं, वहीं अगले ही दिन जोधपुर में सीएम गहलोत के पुत्र वैभव गहलोत के प्रत्याशी होने के चलते वंशवाद का मुद्दा उठा दिया। मोदी ने हर सभा में दस दिन में किसान कर्ज माफी नहीं करने और बेरोजगारी भत्ते के लिए युवाओं के भटकने का मुद्दा भी उठाया।


राज्य सरकार ने किए ये महत्त्वपूर्ण फैसले
लघु व सीमांत वृद्ध किसानों को वृद्धावस्था पेंशन
अगले 5 साल तक कृषि बिजली दर नहीं बढ़ाई जाएगी
एक लाख किसानों को जून 2019 तक कृषि कनेक्शन
अंत्योदय, बीपीएल, स्टेट बीपीएल के 1.74 करोड़ पात्र लार्भािथयों को एक रुपए प्रति किलो की दर से गेहंू
वृद्धावस्था पेंशन में ढाई सौ रुपए की मासिक वृद्धि
पशुपालकों को दुग्ध समितियों में दूध आर्पूिर्त करने पर 2 रुपए प्रति लीटर का अनुदान
पंचायती राज व स्थानीय निकाय चुनाव सीधे करवाना
फूड प्रोसेसिंग इकाइयां लगाने वाले किसानों को 10 हैक्टेयर तक जमीन का भू उपयोग परिवर्तन की जरूरत नहीं
सरकारी सेवाओं में विशेष योग्यजन आरक्षण 3 से बढ़ाकर 4 फीसदी करना
पेंशनर्स की मेडिकल सीमा 10 हजार से बढ़ा 20 हजार रुपए
स्वतंत्रता सैनानियों की पेंशन 20 से बढ़ा 25 हजार रु., चिकित्सा सहायता में हजार रुपए की प्रतिमाह वृद्धि करना
द्वितीय विश्व युद्ध के पूर्व सैनिकों और उनकी विधवाओं की पेंशन 10 हजार रुपए करना।