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पेट दर्द की शिकायत पर कर दिया हार्ट का ऑपरेशन, अब देना होगा 53 लाख का हर्जाना, जयपुर के बड़े अस्पताल का कारनामा

Deepshikha

Publish: Nov 07, 2019 20:49 PM | Updated: Nov 07, 2019 20:49 PM

Jaipur

राज्य उपभोक्ता आयोग ने नौ फीसदी ब्याज सहित कुल 53 लाख रूपए का हर्जाना अस्पताल प्रशासन पर लगाया है



कमलेश अग्रवाल / जयपुर. मरीज अस्पताल में पहुंचता है पेट दर्द की शिकायत लेकर और अस्पताल उसे ह्दय रोग का मरीज बताते हुए एंजियोग्राफी और एंजियोप्लास्टी कर देता है लेकिन पेट दर्द का इलाज नहीं करता। जिसको राज्य उपभोक्ता आयोग ने सेवादोष माना है। आयोग ने अस्पताल प्रशासन को 27 लाख 84 हजार रूपए मरीज के परिजनों को और 25 लाख रूपए उपभोक्ता कल्याण कोष में नौ फीसदी ब्याज सहित जमा करवाने का आदेश दिया है।

चेतराम खूटेटा के पेट में दर्द होने और निगलने में परेशानी होने पर परिजन 28 जुलाई 2014 फोर्टिस अस्पताल लेकर गए। परिजनों ने अस्पताल प्रशासन को चेतराम को रही परेशानी की जानकारी दी और गेस्ट्रोलॉजी के विशेषज्ञ को बुलाने को कहा। लेकिन मौके पर मौजूद डॉक्टर ने छाती में दर्द बताते हुए ईसीजी, ईको सहित अन्य जांच कर दी। इसके बाद आईसीयू में भर्ती कर एंजियोग्राफी के लिए ले गए। जबकि इस दौरान परिजन लगातार पेट दर्द की जानकारी देते रहे लेकिन मौके पर मौजूद डॉक्टर्स ने इस पर ध्यान नहीं दिया। लगातार तबीयत बिगड़ने की वजह से चेतराम की 31 जुलाई को मौत हो गई। जिसके खिलाफ परिजनों ने आयोग में परिवाद दाखिल किया। जहां पर अस्पताल प्रशासन की ओर से कहा गया कि उन्होंने चेतराम 79 साल का वरिष्ठ नागरिक था और कई बीमारियां थी। पूरा मामला बनावटी है उन्होनें मरीज की पूरी तरह से सार संभाल और सही इलाज किया है।

परिवाद के साथ किसी विशेषज्ञ की रिपोर्ट भी नहीं लगाई गई है। वहीं खूटेटा के वकील विज्जी अग्रवाल ने मामले पर चिकित्सीय लापरवाही का बताते हुए इस संबंध में अस्पताल की इलाज हिस्ट्री सहित अन्य जानकारियां आयोग को दी। जिसके बाद आयोग के सदस्य कमल कुमार बागड़ी और मीना मेहता ने परिवाद दाखिल करने की तारीख से नौ फीसदी ब्याज सहित कुल 53 लाख रूपए का हर्जाना अस्पताल प्रशासन पर लगाया है।

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