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Heavy Rains In Rajasthan: सीएम गहलोत का 'एरीयल' सर्वे, हेलीकॉप्टर से लिया बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का जायज़ा

Nakul Devarshi

Publish: Sep 16, 2019 08:43 AM | Updated: Sep 16, 2019 12:14 PM

Jaipur

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ( Rajasthan Chief Minister Ashok Gehlot ) सोमवार सुबह हाड़ौती के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का हेलिकॉफ्टर से हवाई सर्वेक्षण कर जायज़ा लिया। उनके साथ स्वायत्त शासन मंत्री शांति धारीवाल और आपदा राहत प्रबंधन मंत्री मास्टर भंवरलाल शर्मा भी रहे।

जयपुर।
राजस्थान में भारी बरसात ( Heavy Rains In Rajasthan ) की वजह से कई क्षेत्रों में हालात बहुत ज़्यादा खराब हो चले हैं। हाड़ौती संभाग के कई इलाके में तो बाढ़ जैसे हालात बन गए जिसके बाद प्रभावित क्षेत्रों में जनजीवन बेपटरी हो गई है। गांधी सागर में लगातार पानी की आवक के बाद चंबल उफान पर आ गई है। कोटा में बाढ़ के बाद अब धौलपुर को भी चपेट में ले लिया है। वहीं, सवाईमाधोपुर में अलर्ट जारी कर दिया है।

हवाई दौरे पर सीएम गहलोत

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ( Rajasthan Chief Minister Ashok Gehlot ) सोमवार सुबह हाड़ौती के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का हेलिकॉफ्टर से हवाई सर्वेक्षण कर जायज़ा लिया। उनके साथ स्वायत्त शासन मंत्री शांति धारीवाल और आपदा राहत प्रबंधन मंत्री मास्टर भंवरलाल शर्मा भी रहे।

धारीवाल ने कहा कि बाढ़ के हालातों पर वे पिछले तीन दिन से लगातार निगाह रखे हुए हैं। जिला कलेक्टर को आवश्यक दिशा निर्देश दिए जा चुके हैं। उन्होंने बताया कि बाढ़ का पानी उतरने के बाद जयपुर से आपदा प्रबंधन की टीम को कोटा भेजा जाएगा जो नुकसान का सर्वे करेगी। इसके बाद विशेष बजट पैकेज दिया जाएगा।


लोकसभा अध्यक्ष भी लेंगे प्रभावित क्षेत्रों का जायज़ा

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने अपने सारे कार्यक्रम निरस्त कर दिए हैं। वे नई दिल्ली से कोटा पहुंचकर बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करेंगे।लोकसभा अध्यक्ष कोटा रेलवे स्टेशन से सीधे कोटा शहर एवं ग्रामीण तथा बूंदी जिले के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचकर हालातों की समीक्षा करेंगे। दौरे के बाद लोकसभा अध्यक्ष जिला स्तरीय अधिकारियों के साथ टेगोर हॉल में स्थिति को लेकर बैठक करेंगे। शाम को वापस ट्रेन से दिल्ली के लिए रवाना हो जाएंगे।


गहलोत ने कमलनाथ से की बात

मध्यप्रदेश की सीमा पर स्थित राजस्थान के जिलों में उपजे बाढ़ जैसे हालातों को लेकर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ से बात की। मुख्यमंत्री ने आशा व्यक्त की है कि दोनों राज्यों के बीच में समन्वय बना रहेगा एवं प्रभावित इलाकों में राहत एवं बचाव कार्य में कोई कमी नहीं रहेगी।


दोनों राज्यों में उच्च अधिकारियों के स्तर पर बातचीत हो रही है। राज्यों के मुख्य सचिव, इरिगेशन सैक्रेट्रीज़ और कलेक्टर्स के आपसी समन्वय से व्यवस्था की जा रही है एवं सम्बंधित जिले संपर्क में हैं। मुख्यमंत्री ने राजस्थान की सीमा पर स्थित मध्यप्रदेश के जिलों में जलभराव और बरसात की स्थिति के बारे में भी जानकारी ली और उसके राजस्थान पर पड़ने वाले प्रभाव की भी जानकारी ली। आम जन को कम से कम तकलीफ हो इस के लिए दोनों तरफ के अधिकारियों को आपस में सूचनाएं एक्सचेंज करने और समन्वय बनाए रखने के सम्बन्ध में भी चर्चा की।


ये है ताज़ा स्थिति

- गांधी सागर से रविवार को 6.62 लाख क्यूसेक पानी निकासी हुई।

- कोटा बैराज क्षेत्र को हाई रिस्क जोन घोषित किया गया है। कोटा बैराज से 39 साल बाद 6.70 लाख क्यूसेक पानी की निकासी की गई।

- कोटा में 25 हजार से अधिक मकान बाढ़ की चपेट में आ गए। स्थिति से निपटने के लिए सेना बुलाई गई है।

- धौलपुर में चम्बल खतरे के निशान 129.70 मीटर से 11 मीटर ऊपर बह रही है।

- राजाखेड़ा क्षेत्र के आधा दर्जन गांवों को ऊंचे स्थानों पर भेजा है।

- 14 पंचायतों के 69 गांवों को बाढ़ प्रभावित चिह्नित किया गया है। 67 गांवों में बिजली बंद कर दी है।

- अलवर से सेना का एक कॉलम तथा मथुरा से एनडीआरएफ की एक टीम धौलपुर पहुंच चुकी है।

- आपदा प्रबंधन विभाग को हवाई रास्ते से राहत भेजने के लिए तैयार रहने को कहा है। हवाई सहायता आगरा से उपलब्ध कराई जाएगी।

- जिला प्रभारी मंत्री विश्वेन्द्र सिंह सहित आला अधिकारियों ने बाढ़ प्रभावित गांवों का दौरा किया। प्रशासन 1996 के अधिकारियों से संपर्क साध रहा है। 23 साल आई बाढ़ पर काबू पाया गया था।


... इधर मौसम विभाग का दावा: आज थम जाएगी बारिश

मौसम विभाग के निदेशक शिव गणेश का कहना है कि मध्यप्रदेश से राजस्थान होते हुए उत्तरप्रदेश तक हवा का कम दबाव क्षेत्र बनने से 3.6 किमी तक ऊपर चक्रवात बन रहा था। इसीलिए पूर्वी राजस्थान में भारी बारिश का दौर जारी था। रविवार रात तक चक्रवात कमजोर पड़ गया। सोमवार से बारिश का दौर थम जाएगा।