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CM Action : दो आइएएस को फटकार, दो आरएएस समेत 9 अधिकारी और कर्मचारी निलंबित, तीन को चार्जशीट

Pushpendra Singh Shekhawat

Publish: Dec 06, 2019 07:45 AM | Updated: Dec 05, 2019 21:36 PM

Jaipur

मुख्यमंत्री ने ली वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये तीन घंटे तक ली कलक्टरों की क्लास, जताई नाराजगी, जिलों में सरकार का चेहरा कलक्टर, फिर भी राजधानी तक आ रहे लोग, यानी जिलों ने हल नहीं हो रही परेशानी

जया गुप्ता / जयपुर। Rajasthan में पंचायत चुनाव ( Panchayat Election ) से ठीक पहले मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ( CM Ashok Gehlot ) ने गुरुवार को प्रदेश के सभी जिला कलक्टरों की वीडियो क्रांफ्रेंस ( Video Conference ) के माध्यम से बैठक ली। लगभग तीन घंटे तक चली बैठक में मुख्यमंत्री ने ज्यादातर जिलों के कामकाज से नाराजगी जताई। कई जिला कलक्टरों को सीधे तौर पर फटकार लगाई गई। दो आईएएस अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। जनता से सीधे जुड़े हुई योजनाओं, मुद्दों में लापरवाही बरतने पर दो आरएएस समेत नौ अधिकारियों को निलंबितत कर दिया गया। तीन अधिकारियों को चार्जशीट सौंपी गई है।

इन्हें किया निलम्बित

संस्कृत विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार व हिंडौन के तत्कालीन उपखंड अधिकारी सुरेश कुमार बुनकर, बुहाना, झुंझुनूं के उपखंड अधिकारी जयसिंह, तहसीलदार मांगीराम पूनिया, कनिष्ठ सहायक भुवनेश्वर, अशोक कुमार विश्नोई, रामफल शर्मा, अशोक कुमार शर्मा, सत्यनारायण कच्छावा, विक्रम सिंह।


इन्हें मिली चार्जशीट

पालनहार योजना में लाभार्थी का नाम जोडऩे में लापरवाही पर जालौर के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के सहायक निदेशक करतार सिंह व नरेगा जॉब कार्ड जारी करने की सम्पर्क पोर्टल पर दर्ज शिकायत के निस्तारण में लापरवाही पर अजमेर जिले में पदस्थापित विकास अधिकारी दिलीप कुमार व मुख्यमंत्री निवास पर जनसुनवाई में लापरवाही बरतने पर दौसा के तत्कालीन तहसीलदार कैलाश प्रसाद मीना को चार्जशीट दी गई।

इन आइएएस अधिकारियों से मांगा स्पष्टीकरण
बांसवाड़ा के प्रभारी सचिव अखिल अरोरा और पाली के प्रभारी सचिव प्रीतम बी यशवंत के जिलों के दौरे पर नहीं जाने को मुख्यमंत्री ने गंभीरता से लिया और निर्देश दिए कि मुख्य सचिव उनसे स्पष्टीकरण लें। गहलोत ने निर्देश दिए कि जिला कलक्टर अपने अधीनस्थ अधिकारियों के कामकाज की रिपोर्ट मुख्य सचिव को भेजेंगे। कार्मिक सचिव, प्रशासनिक सुधार विभाग के सचिव और मुख्य सचिव के साथ चर्चा कर मुख्यमंत्री के स्तर पर रिपोर्ट पर आवश्यक कार्यवाही की जाएगी।


25 जिलों का प्रदर्शन रहा कमतर

बैठक में स्पष्ट तौर पर जनता से जुड़़े हुए सामाजिक सुरक्षा योजना, नि:शुल्क दवा, खाद्य सुरक्षा व विशेष तौर पर सम्पर्क पोर्टल पर आई परिवेदनाओं और जनसुनवाई में आए प्रकरणों के निस्तारण पर कलक्टरों से बात की गई। जानकारी के अनुसार इन सभी मामलों में बेहतर व कमतर रहे जिलों की सूची तैयार की गई थी। कमतर रहने वाले जिलों के कलक्टरों से पहले बात की गई। जिसमें सामने आया कि अलग-अलग मामलों में करीब 25 जिलों का प्रदर्शन कमजोर रहा। छोटे आठ जिलों कामकाज में बेहतर साबित हुए।

....तो होगी कार्रवाई
बैठक में गहलोत ने कलक्टरों से स्पष्ट कह दिया कि जिलों में कलक्टर ही सरकार का चेहरा होते हैं। फिर भी लोग जयपुर तक आ रहे हैं, यानी कि जिलों में उनकी समस्या का समाधान नहीं हो रहा है। भविष्य में भी ऐसा हुआ तो लापरवाही बरतने वाले पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा बेहतर पब्लिक सर्विस डिलीवरी सरकार का मुख्य एजेण्डा है। इसकी धरातल पर मॉनीटरिंग के लिए अब हर माह जिला कलेक्टर्स के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग होगी। साथ ही जिला कलेक्टर्स और जिला स्तरीय अधिकारियों के वार्षिक मूल्यांकन का एक आधार पब्लिक सर्विस डिलीवरी होगा। उसमें यह टिप्पणी भी अंकित की जाएगी कि उन्होंने आमजन को राहत देने के लिए कितनी संवेदनशीलता के साथ कार्य किया।

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